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Young CEO: महज 18 साल की उम्र में 250 करोड़ कमाने वाले CEO से मिलिए

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Young CEO: 7 साल में कोडिंग शुरू, 12 में पहला ऐप किया लॉन्च

Young CEO: सोचिए, एक लड़का जिसने 7 साल की उम्र में कोडिंग (Coding) शुरू की, 12 साल में ऐप लॉन्च किया, 16 की उम्र में पहला बिजनेस (Business) बेचा, और 18 तक आते-आते 250 करोड़ की कंपनी का मालिक (Owner) बन गया- लेकिन जब उसने दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज (Top Universities) में दाखिला लेना चाहा, तो एक-एक कर सबने उसे नकार दिया। पढ़िए पूरी खबर…
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7 साल में कोडिंग, 12 में ऐप और 16 में पहला बिजनेस

आपको बता दें कि जैक याडेगरी (Zach Yadegari) की कहानी जुनून, मेहनत की मिसाल है। महज 7 साल की उम्र में उन्होंने कोडिंग सीखनी शुरू की। 12 की उम्र में पहला ऐप लॉन्च किया और फिर 16 साल में एक ऑनलाइन गेमिंग बिजनेस (Online Gaming Business) को सफलतापूर्वक बेचकर कमाई भी की।

11वीं में लॉन्च किया Cal AI, जो बन गया गेमचेंजर

11वीं कक्षा में जैक (Zach) ने Cal AI नाम का स्टार्टअप शुरू किया, जो एक न्यूट्रिशन ट्रैकिंग ऐप (Nutrition Tracking App) है। इस AI-पावर्ड ऐप से यूजर अपने खाने की तस्वीर खींचकर यह जान सकते हैं कि उसमें कितनी कैलोरी है। AI-पावर्ड इस ऐप ने जैक को रातों-रात करोड़पति बना दिया और उनकी कंपनी की आज की कमाई 30 मिलियन डॉलर (करीब 250 करोड़ रुपये) से ज्यादा है। यही ऐप जैक के लिए गेमचेंजर साबित हुआ।

GPA 4.0, फिर भी टॉप यूनिवर्सिटीज ने किया रिजेक्ट

जैक याडेगरी (Zach Yadegari) का GPA 4.0 यानी परफेक्ट स्कोर रहा, लेकिन जब उन्होंने हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, MIT, येल, प्रिंसटन, कोलंबिया जैसे विश्व की शीर्ष संस्थानों में आवेदन किया, तो उन्हें एक-एक कर सब जगह से रिजेक्ट कर दिया गया। उन्हें केवल जॉर्जिया टेक और यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी से ही एडमिशन ऑफर मिला।

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कॉलेज नहीं, जिंदगी के बेस्ट 4 साल चाहिए

वहीं सोशल मीडिया पर जैक याडेगरी (Zach Yadegari) को जब इन्वेस्टर्स ने कहा कि ‘तुम्हें कॉलेज की क्या जरूरत है, तुम तो पहले ही सुपरस्टार हो!’, तब उन्होंने जापान के क्योटो में स्थित रयोअन-जी रॉक गार्डन की यात्रा की। वहां की शांति ने उन्हें कॉलेज के मायने समझाए। एक यूजर के सवाल पर जैक (Zach) ने कहा, ‘मैं कॉलेज को बाधा नहीं, मौका मानता हूं। मुझे स्किल्स नहीं, जिंदगी के बेस्ट 4 साल चाहिए।’ मैं कॉलेज को बाधा नहीं, बल्कि मौका मानता हूं। मैं किताबों से नहीं, बल्कि प्रोफेसर्स और दोस्तों से सीखना चाहता हूं। ये मेरे बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।