Punjab News: चंडीगढ़, 12 जून 2026। पंजाब सरकार के परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा और वीआईपी मूवमेंट को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (एस.टी.सी.) पंजाब के कार्यालय द्वारा मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों और अन्य वीआईपी व्यक्तियों के साथ तैनात लगभग 200 ड्राइवरों के लिए विशेष वैज्ञानिक ड्राइविंग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
सेक्टर-17 स्थित मुख्यालय में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ड्राइवरों की पारंपरिक ड्राइविंग शैली को आधुनिक और वैज्ञानिक ड्राइविंग कौशल में बदलना था। कार्यक्रम का मुख्य विषय “कौशल-आधारित ड्राइविंग से वैज्ञानिक ज्ञान तक और आत्मविश्वास से सतर्कता एवं दक्षता तक” रखा गया। इसके माध्यम से ड्राइवरों को उन परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया, जहां उन्हें दबाव, सुरक्षा जोखिम या आपातकालीन स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
डिफेंसिव ड्राइविंग पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिफेंसिव ड्राइविंग यानी रक्षात्मक ड्राइविंग तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया गया। ड्राइवरों को यह सिखाया गया कि सड़क पर संभावित खतरों को पहले से कैसे पहचानें और किसी भी जोखिम की स्थिति में तुरंत और सही प्रतिक्रिया कैसे दें।
इसके साथ ही उन्हें जोखिम प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और सुरक्षित ड्राइविंग के आधुनिक तरीकों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी ट्रेनिंग से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
व्यवहार और मानसिक तैयारी पर भी हुआ फोकस
कार्यक्रम में केवल वाहन संचालन तक ही सीमित प्रशिक्षण नहीं दिया गया, बल्कि ड्राइवरों के मनोविज्ञान और व्यवहारगत बदलावों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं मानवीय त्रुटियों के कारण होती हैं। ऐसे में ड्राइवरों का मानसिक रूप से सतर्क और संतुलित रहना बेहद जरूरी है।
इन सत्रों में ड्राइवरों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने, धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के बारे में जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया महत्वपूर्ण कदम
राज्य परिवहन आयुक्त परनीत शेरगिल ने इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण ड्राइवरों को केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी अधिक जागरूक और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और सतर्क ड्राइवर ही सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की मजबूत नींव होते हैं।
विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम परिवहन विभाग के सचिव वरुण रूजम के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन आरटीए सचिव रणप्रीत सिंह ने किया। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन राष्ट्रीय स्तर पर जीरो एक्सीडेंट पुरस्कार प्राप्त विशेषज्ञ हरप्रीत सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने ड्राइवरों को सुरक्षित ड्राइविंग, दुर्घटना रोकथाम और आधुनिक सड़क सुरक्षा तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस पहल के माध्यम से पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि वीआईपी सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक प्रशिक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जा रही है।
