Noida की इस सोसाइटी में घर खरीदने वाले निवासियों का सपना अधूरा रह गया है।
Noida News: एक सपना, एक घर, और उसके साथ जुड़ी अनगिनत उम्मीदें लेकिन जब यह सपना अधूरा रह जाए, तो सवाल उठते हैं। बता दें कि सेक्टर 107 स्थित आम्रपाली हार्टबीट सिटी (Amrapali Heartbeat City) में फ्लैट खरीदने वाले सैकड़ों परिवार आज ऐसे ही सवालों से जूझ रहे हैं। लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए इन घरों को कभी ‘लक्ज़री होम’ के नाम पर बेचा गया था, लेकिन अब यहां मूलभूत सुविधाएं तक नदारद हैं। पढ़िए पूरी खबर…

अधूरी सुविधाओं का दर्द
निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने ‘लक्ज़री’ के नाम पर लाखों रुपये लिए, लेकिन वादे पूरे नहीं किए। सोसायटी में न ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) है, न ही सिंगल पॉइंट बिजली कनेक्शन। पूछने पर जवाब मिलता है, “ऐसा ही है।” लिफ्ट काम नहीं करती, PNG कनेक्शन नहीं है, और कॉमन एरिया मेंटेनेंस (CAM) चार्जेज 3.95 रुपये प्रति वर्ग फीट के हिसाब से बिना किसी तर्क या सहमति के वसूले जा रहे हैं।
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एडहॉक AOA और NBCC पर सवाल
निवासियों का कहना है कि एडहॉक अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है। कुछ AOA सदस्यों पर फ्लैटों में अवैध निर्माण का भी आरोप है। दूसरी ओर, नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (NBCC), जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में प्रोजेक्ट पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी, पर भी काम की धीमी गति का आरोप है। फेज-1 में मात्र 60 मजदूर काम कर रहे हैं, और प्रोजेक्ट पूरा होने की कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं दी जा रही है।
बायर्स की मुश्किलें
कई निवासियों ने अपने बच्चों की पढ़ाई रोक दी, कुछ ने शादी जैसे बड़े फैसले टाल दिए, क्योंकि उन्हें EMI और किराए दोनों का बोझ उठाना पड़ रहा है। NBCC और AOA के दफ्तरों में सवालों के जवाब की जगह चुप्पी मिलती है। निवासियों का कहना है कि वे अब केवल घर नहीं, बल्कि न्याय चाहते हैं।
निवासियों की मांगें
- एडहॉक AOA की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनाई जाए।
- NBCC एक स्पष्ट टाइमलाइन और वर्कफोर्स प्लान दे।
- हर बड़े निर्णय में बायर्स की सहमति अनिवार्य हो।
एक सपने का टूटना
यह कहानी सिर्फ आम्रपाली हार्टबीट सिटी (Amrapali Heartbeat City) की नहीं, बल्कि उन हजारों भारतीयों की है, जिन्होंने अपनी जमीन बेची, गहने गिरवी रखे, और एक घर का सपना देखा। निवासियों का कहना है, ‘हमने सब कुछ दांव पर लगाया, लेकिन बदले में मिला धोखा।’ 38 बायर्स को हाल ही में फ्लैट की चाबियां मिलीं, लेकिन बिना लिफ्ट और बुनियादी सुविधाओं के ये फ्लैट रहने लायक नहीं हैं।
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निवासियों की मांग है कि NBCC और AOA उनकी बात सुनें और प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। यह केवल एक सोसायटी की कहानी नहीं, बल्कि उन सभी का दर्द है, जो अपने सपनों के घर के लिए सालों से इंतजार कर रहे हैं।
