Air Travel: भारत में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले कुछ महीने थोड़े मुश्किल भरे हो सकते हैं। देश की दो बड़ी एयरलाइंस एयर इंडिया (Air India) और इंडिगो (IndiGo) ने घरेलू उड़ानों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 जून 2026 से अगले 90 दिनों तक कई रूट्स पर फ्लाइट्स कम चलाई जाएंगी।
क्यों कम हो रही हैं उड़ानें?
एयरलाइंस कंपनियों के इस फैसले की सबसे बड़ी वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं। इसके अलावा गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार एयर इंडिया अपनी घरेलू उड़ानों में लगभग 15% तक कटौती कर सकती है। वहीं इंडिगो 5% से 7% तक उड़ानें कम करने की तैयारी में है।
ATF की कीमतों ने बढ़ाई परेशानी
एविएशन सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि कई शहरों में ATF की कीमत ₹1 लाख प्रति किलोलीटर से ऊपर पहुंच चुकी है। कुछ समय पहले तक यही कीमत करीब ₹80,000 थी।
इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में VAT दरें अलग होने के कारण एयरलाइंस की लागत और बढ़ रही है। ऐसे में कम यात्रियों वाले रूट्स पर उड़ान चलाना कंपनियों के लिए घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
किन रूट्स पर पड़ेगा असर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स से कई घरेलू रूट्स प्रभावित हो सकते हैं।
मुंबई से इन शहरों की फ्लाइट्स कम हो सकती हैं:
- अहमदाबाद
- नागपुर
- पटना
- भोपाल
वहीं दिल्ली से इन शहरों के लिए उड़ानों में कमी आ सकती है:
- हैदराबाद
- बेंगलुरु
- कोलकाता
दक्षिण भारत के कुछ रूट्स पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
क्या कोई रूट पूरी तरह बंद होगा?
एयरलाइंस कंपनियों ने साफ किया है कि कोई भी रूट पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा। केवल उड़ानों की संख्या घटाई जाएगी ताकि ऑपरेशन और खर्च को संतुलित रखा जा सके।
यात्रियों को अचानक परेशानी न हो, इसलिए कई उड़ानों को पहले ही बुकिंग वेबसाइट्स से हटा दिया गया है।
छुट्टियों के बाद घटती है यात्रियों की संख्या
विशेषज्ञों के मुताबिक हर साल स्कूल और कॉलेज की छुट्टियां खत्म होने के बाद घरेलू हवाई यात्रा की मांग थोड़ी कम हो जाती है। इसी वजह से एयरलाइंस कंपनियां आमतौर पर अपनी क्षमता घटाती हैं।
लेकिन इस बार ईंधन की रिकॉर्ड कीमतों ने स्थिति को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का भी असर
जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी का असर घरेलू नेटवर्क पर भी पड़ रहा है। पहले कई यात्री घरेलू फ्लाइट्स के जरिए दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हब एयरपोर्ट्स तक पहुंचते थे और वहां से विदेश यात्रा करते थे।
अब अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क कमजोर होने से घरेलू कनेक्टिंग यात्रियों की संख्या भी घट सकती है।
आगे और महंगी हो सकती है हवाई यात्रा
एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ATF की कीमतें जल्द कम नहीं हुईं, तो आने वाले समय में फ्लाइट टिकट और महंगे हो सकते हैं। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।
फिलहाल एयरलाइंस कंपनियां खर्च कम करने और नेटवर्क को स्थिर बनाए रखने के लिए उड़ानों में कटौती कर रही हैं।
