Punjab News: देशभर में लगातार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के मामलों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार एक भी परीक्षा सही तरीके से नहीं करा पा रही है।
NEET, CBSE और SSC GD के बाद अब B.Tech परीक्षा पर सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले NEET परीक्षा में विवाद हुआ, फिर CBSE 12वीं परीक्षा में गड़बड़ी की खबरें आईं। इसके बाद SSC GD परीक्षा को लेकर भी शिकायतें सामने आईं और अब B.Tech परीक्षा में भी अनियमितताओं की बातें हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश का पूरा शिक्षा सिस्टम माफियाओं के कब्जे में चला गया है और करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
“सरकार एक परीक्षा भी ठीक से नहीं करा पा रही”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए केजरीवाल ने कहा कि कई SSC GD परीक्षा केंद्रों पर सर्वर फेल हो गए। कई जगह क्षमता से ज्यादा छात्रों को बुलाया गया, जिससे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा:
“ये कैसी सरकार है जो एक भी परीक्षा सही तरीके से नहीं करा पा रही?”
“शिक्षा व्यवस्था माफियाओं के हाथ में”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह माफियाओं के कब्जे में है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऊपर बैठे लोगों की सुरक्षा के बिना ऐसे माफिया काम नहीं कर सकते।
केजरीवाल ने युवाओं से कहा कि अगर उन्हें अपना भविष्य सुरक्षित रखना है तो उन्हें खुद आगे आकर आवाज उठानी होगी।
मनीष सिसोदिया ने भी सरकार को घेरा
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी परीक्षा विवादों को लेकर सरकार पर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में ऐसा कोई दिन नहीं गया जब किसी परीक्षा को लेकर विवाद न हुआ हो।
उन्होंने जिन मामलों का जिक्र किया उनमें शामिल हैं:
- NEET पेपर लीक मामला
- CBSE मूल्यांकन विवाद
- UPSC परीक्षा विवाद
- यूपी बोर्ड में VIP रोल नंबर विवाद
- SSC GD परीक्षा में हंगामा
“छात्रों को सड़क पर उतरना पड़ा”
मनीष सिसोदिया ने कहा कि SSC GD परीक्षा देने गए छात्रों को सड़क पर प्रदर्शन करना पड़ा क्योंकि उनके साथ धोखा हुआ।
उन्होंने कहा:
“देश में आखिर चल क्या रहा है?”
प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री पर सवाल
सिसोदिया ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री चुनाव जीतने में जितना ध्यान देते हैं उसका थोड़ा हिस्सा भी परीक्षा व्यवस्था सुधारने में लगाएं तो हालात बेहतर हो सकते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि लगातार विवादों के बावजूद शिक्षा मंत्री से इस्तीफा क्यों नहीं मांगा जा रहा।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
लगातार पेपर लीक, तकनीकी खराबी और परीक्षा में गड़बड़ियों की खबरों से छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
छात्रों का कहना है कि इससे:
- मेहनत करने वाले छात्रों को नुकसान हो रहा है
- निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा टूट रहा है
- युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है
अब यह मुद्दा देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर बड़ी बहस बनता जा रहा है।
