Jharkhand में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है।
Jharkhand News: झारखंड में भारी बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है। सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसलों, सड़कों, बिजली के खंभों और अन्य बुनियादी ढांचों को गंभीर क्षति हुई है। साथ ही, कई लोगों की जान भी चली गई है। सरकार प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर रही है और लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रही है।
नुकसान का आकलन और राहत के प्रयास
सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में भारी बारिश के प्रभाव पर विधानसभा में विशेष चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे राज्य के हालात पर नजर रख रही है और विभिन्न क्षेत्रों से नुकसान की जानकारी एकत्र की जा रही है। सोरेन ने आश्वासन दिया कि किसानों, सड़कों, फसलों और बिजली के खंभों को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा। सरकार सभी प्रभावित लोगों को ध्यान में रखकर राहत कार्यों को तेजी से लागू करेगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां बारिश का असर अभी भी जारी है।
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कोयला खनन और समस्याओं पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कोयला मंत्री के साथ हाल ही में हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि कोयला खनन से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में सीसीएल और बीसीसीएल के अधिकारी भी शामिल थे। सोरेन ने बताया कि कोयला खनन अब केवल धनबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, लोहरदगा, लातेहार और पलामू जैसे जिलों में भी फैल गया है। उन्होंने खनन कार्यों से स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानियों का समाधान निकालने के लिए आगे और चर्चा की जरूरत पर बल दिया।
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खनिज खनन के प्रभाव पर चिंता
सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा कि कोयले के अलावा आयरन ओर, बॉक्साइट जैसे अन्य खनिजों का खनन भी राज्य के विभिन्न जिलों में हो रहा है। इन खनन गतिविधियों से स्थानीय लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन मुद्दों पर गहराई से विचार करने और प्रभावित समुदायों की समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।
