Bihar News: बिहार में कला और संस्कृति परियोजनाओं की समीक्षा, पुरातात्विक स्थलों के लिए बनेगा स्पेशल विंग

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Bihar News: बिहार में कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने कला एवं संस्कृति विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण के लिए एक विशेष विंग (स्पेशल विंग) गठित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों को उनके मूल स्वरूप में संरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी और अभियंताओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

निर्माणाधीन परियोजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक में भवन निर्माण विभाग और बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा संचालित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान 620 क्षमता वाले अटल कला भवन, 630 क्षमता वाले सभागार, लाल पहाड़ी, नेपाली मंदिर, नारद संग्रहालय की जगह बनने वाले नए संग्रहालय भवन, स्मारक अहिल्या स्थल और बेगूसराय संग्रहालय से जुड़ी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

अधिकारियों ने बताया कि अररिया, भभुआ, बक्सर, नवादा, सीवान और शेखपुरा समेत कई जिलों में अटल कला भवनों का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और इन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सभागार और सांस्कृतिक भवनों के निर्माण पर जोर

बैठक में बताया गया कि बांका और लखीसराय में 630 सीटों की क्षमता वाले सभागारों का निर्माण कार्य जारी है। लखीसराय में भवन के फिनिशिंग कार्य किए जा रहे हैं। वहीं मुजफ्फरपुर में 2000 क्षमता वाले बड़े सभागार का निर्माण नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सचिव प्रणव कुमार ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और समय पर परियोजनाओं को पूरा किया जाए।

पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण को मिलेगी नई दिशा

बैठक में दरभंगा स्थित स्मारक अहिल्या स्थान, बेगूसराय संग्रहालय, लखीसराय के लाल पहाड़ी पुरास्थल तथा राज्य के 26 जिलों में स्थित 56 पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण और विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई।

सचिव ने कहा कि ऐतिहासिक इमारतों और धरोहरों की मौलिक पहचान बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए एक विशेष विंग का गठन किया जाएगा, जो विशेषज्ञों की सलाह लेकर संरक्षण कार्यों की निगरानी करेगा। साथ ही अभियंताओं को धरोहर संरक्षण की तकनीकी बारीकियों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

संग्रहालयों के रखरखाव और लंबित परियोजनाओं पर सख्ती

बैठक में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप के रखरखाव को लेकर भी चर्चा हुई। सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को संग्रहालयों के नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं में अनावश्यक देरी हो रही है, उनके लिए जिम्मेदार संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने साफ कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बैठक में भवन निर्माण विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे, जबकि कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।