Noida: नोएडा के इस अस्पताल में मरीज के परिजनों ने गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
Noida News: नोएडा के इस अस्पताल (Hospital) में मरीज के परिजनों ने गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। बता दें कि मरीज के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने बिना सैंपल लिए ही फेक मेडिकल रिपोर्ट (Fake Medical Report) निगेटिव भेज दी। मोबाइल पर आए मैसेज को देखकर वे हैरान रह गए। उन्हें डर है कि पहले कराए गए सभी टेस्टों की रिपोर्ट भी फेक हो सकती है। पढ़िए पूरी खबर…

आपको बता दें कि यह मामला नोएडा के सेक्टर-137 स्थित फेलिक्स हॉस्पिटल (Felix Hospital) का है, जहां आरोप है कि अस्पताल ने बिना यूरिन सैंपल लिए ही रिपोर्ट निगेटिव बता दी, जिससे परिजन हैरान और चिंतित हैं। मरीज के बेटे ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत दी है।
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बिना यूरिन सैंपल लिए रिपोर्ट भेजने का आरोप
मरीज के बेटे देवेंद्र चौहान (Devendra Chauhan) ने आरोप लगाया है कि उनकी मां की तबीयत खराब थी, जिसके बाद फेलिक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने फुल बॉडी चेकअप कराने की सलाह दी। देवेंद्र ने कहा कि उन्होंने जांच के लिए दो हजार रुपये का भुगतान किया, जिसके बाद उनकी मां का ब्लड सैंपल लिया गया और यूरिन सैंपल के लिए एक बोतल दी गई। लेकिन, वे किसी कारणवश यूरिन सैंपल जमा नहीं कर पाए। इसके बावजूद कुछ ही घंटों में अस्पताल की ओर से उन्हें ईमेल पर पूरी मेडिकल रिपोर्ट भेज दी गई, जिसमें यूरिन रिपोर्ट भी शामिल थी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
देवेंद्र ने जब रिपोर्ट देखी, तो वे हैरान रह गए। उनका कहना है कि अगर बिना सैंपल के रिपोर्ट बनाई जा सकती है, तो पहले की गई जांच की विश्वसनीयता पर भी शक होता है। उन्होंने आशंका जताई कि यह फुल बॉडी चेकअप के नाम पर जनता को गुमराह करने की बड़ी साजिश हो सकती है।
सीएमओ ऑफिस से मिला जवाब
देवेंद्र चौहान ने 6 जून को इस मामले की लिखित शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को सौंपी थी। इसके बाद 11 जून को सीएमओ ऑफिस से उन्हें कॉल आया, जिसमें उनसे अपना पक्ष रखने को कहा गया।
देवेंद्र ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे इस मामले को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के सामने उठाएंगे। उनका कहना है कि इससे नोएडा सहित पूरे प्रदेश में जांच के नाम पर चल रहे संभावित फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
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अस्पताल की चुप्पी पर भी सवाल
फिलहाल, फेलिक्स हॉस्पिटल (Felix Hospital) की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जांच की मांग तेज
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। लोग अस्पताल प्रशासन पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
