UP News: उत्तर प्रदेश सरकार समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में लखनऊ के भागीदारी भवन में आयोजित उद्यमिता विकास कार्यक्रम में विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समुदायों के युवाओं को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर खुद का रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया।
“युवाओं को रोजगार देने वाला बनाना लक्ष्य”
राज्यमंत्री Asim Arun ने कहा कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को सिर्फ नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। इसके लिए स्वरोजगार और उद्यमिता योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है।
समूह बनाकर योजनाओं का लाभ लेने की अपील
Asim Arun ने युवाओं से छोटे-छोटे समूह बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और अपना व्यवसाय शुरू करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक सम्मान भी बढ़ेगा। उनके अनुसार उद्यमिता आत्मनिर्भरता और समृद्धि का सबसे मजबूत माध्यम है।
कई सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में युवाओं को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, पीएम मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई।
इसके अलावा ओडीओपी, विश्वकर्मा सर्वसम्मान योजना और पीएम अजय-जीआईए योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
वन-टू-वन काउंसलिंग रही खास आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे खास हिस्सा वन-टू-वन काउंसलिंग सत्र रहा। इसमें युवाओं को उनकी रुचि और जरूरत के हिसाब से व्यक्तिगत सलाह दी गई।
विशेषज्ञों ने युवाओं को कारोबार शुरू करने, लोन लेने और सरकारी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई।
हर सप्ताह होगा प्रशिक्षण
उप निदेशक Anand Kumar Singh ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम अब हर सप्ताह आयोजित किए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे खुद का रोजगार शुरू कर सकें और दूसरों को भी रोजगार दे सकें।
