Greater Noida के रबूपुरा क्षेत्र के चांदपुर गांव में एक दर्दनाक हादसे में 31 वर्षीय नेटवर्क इंजीनियर की मौत हो गई। गुरुवार शाम आए तेज आंधी-तूफान के बाद मोबाइल नेटवर्क में आई खराबी को ठीक करने के दौरान इंजीनियर करीब 40 मीटर ऊंचे मोबाइल टावर से नीचे गिर गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
आंधी के बाद नेटवर्क ठीक करने पहुंचे थे
मृतक शांतनु फिरोजाबाद जिले के धर्मपुर गांव के रहने वाले थे और एक निजी टेलीकॉम कंपनी में नेटवर्क इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। वह मेरठ के खरखौदा क्षेत्र में अपने सहकर्मी के साथ रहते थे। कंपनी ने उन्हें गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के मोबाइल टावरों की तकनीकी निगरानी और रखरखाव की जिम्मेदारी दी थी।
गुरुवार शाम तेज आंधी और खराब मौसम के बाद चांदपुर गांव के मोबाइल टावर में नेटवर्क संबंधी समस्या आ गई थी। शिकायत मिलने पर शांतनु अपने सहयोगी यश शर्मा के साथ मौके पर पहुंचे थे।
सेफ्टी बेल्ट का लॉक टूटने से बिगड़ा संतुलन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शांतनु टावर के शीर्ष पर चढ़कर तकनीकी खराबी की जांच कर रहे थे, जबकि उनका सहयोगी नीचे मौजूद था। इसी दौरान अचानक उनकी सेफ्टी बेल्ट का लॉक टूट गया।
सेफ्टी बेल्ट फेल होने के बाद शांतनु का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे कंक्रीट की जमीन पर गिर पड़े। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और उनके सहयोगी ने शांतनु को ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स अस्पताल पहुंचाया। हालांकि गंभीर चोटों के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस जांच में जुटी
रबूपुरा पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। देर रात तक न तो परिजनों की ओर से और न ही संबंधित टेलीकॉम कंपनी की तरफ से कोई लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी।
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शादी की तैयारी कर रहा था परिवार
शांतनु अपने परिवार में तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। परिजनों के मुताबिक परिवार उनके विवाह की तैयारी कर रहा था और रिश्ते की बातचीत भी चल रही थी।
अचानक हुए इस हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार ने बताया कि जल्द ही शादी की तारीख तय करने की योजना थी, लेकिन इस हादसे ने उनकी सारी खुशियां छीन लीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मोबाइल टावरों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह सेफ्टी बेल्ट का लॉक टूटना बताया जा रहा है।
ऐसे में कार्यस्थल पर इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि ऊंचाई पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
