मुख्यमंत्री ने कहा, ‘विपक्ष चाहे कितने भी मुख्यमंत्री ले आए, एक अकेला मुख्यमंत्री उन पर भारी पड़ेगा।’
Jharkhand News: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) शुक्रवार को घाटशिला उपचुनाव के दौरान झामुमो प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन (Somesh Chandra Soren) के नामांकन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री खुद घाटशिला अनुमंडल कार्यालय पहुंचे और प्रत्याशी के साथ खड़े होकर अपना समर्थन जताया। इस दौरान झामुमो समर्थकों की भारी भीड़ भी देखी गई, जो ‘हेमंत सोरेन जिंदाबाद’ और ‘झामुमो फिर से लाएगा सरकार’ जैसे नारे लगा रही थी। पढ़िए पूरी खबर…
ये भी पढ़ेंः क्या ज्योतिष गरीब को अमीर बना सकता है?
पिता की विरासत को आगे बढ़ाने मैदान में उतरे सोमेश
आपको बता दें कि सोमेश सोरेन (Somesh Soren), झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन के पुत्र हैं। रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन के बाद झामुमो ने उनके पुत्र सोमेश को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता ने इसे एक भावनात्मक क्षण बताया, और विश्वास जताया कि सोमेश अपने पिता की अधूरी राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाएंगे।

सीएम सोरेन का विपक्ष पर साधा निशाना
नामांकन सभा को संबोधित करते हुए सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘विपक्ष चाहे कितने भी मुख्यमंत्री ले आए, एक अकेला मुख्यमंत्री उन पर भारी पड़ेगा।’ उन्होंने जनता से अपील की कि सोमेश सोरेन को इतिहास रचते हुए भारी मतों से जिताएं, जिससे विरोधियों की जमानत तक जब्त हो जाए।
सीएम ने कहा, ‘बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद हमारे बड़े भाई रामदास सोरेन भी चले गए। यह संयोग हम नहीं समझ सकते, लेकिन कोई न कोई शक्ति जरूर होती है जो ऐसी परिस्थितियां बनाती है।’

‘घाटशिला की जनता ही असली मुख्यमंत्री’
अपने भाषण में सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा, ‘यहां का असली मुख्यमंत्री मैं नहीं, बल्कि यहां की जनता है। उसकी ताकत मेरी ताकत है।’
ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25
नामांकन के दौरान दिखी महागठबंधन की एकजुटता
झामुमो प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन ने घाटशिला अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी मौजूद रहे। नामांकन को लेकर झामुमो की ओर से इसे एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश किया गया।

चुनावी रणनीति में जुटा झामुमो
नामांकन के साथ ही घाटशिला उपचुनाव को लेकर झारखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) का यह दौरा झामुमो की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, झामुमो इस उपचुनाव को न सिर्फ जीतना चाहता है, बल्कि इसे एक संदेश के रूप में पूरे राज्य में पेश करना चाहता है।
ये भी पढ़ेंः Jharkhand: हेमंत कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, जानिए कौन-कौन से फैसले हुए शामिल?
इस मौके पर झामुमो के कई मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। पार्टी का फोकस अब घाटशिला सीट को पहले से भी ज्यादा मतों से जीतने पर है।
