UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 का आयोजन किया जाएगा। पिछले तीन सफल संस्करणों के बाद यह आयोजन अब प्रदेश के उत्पादों, सेवाओं, स्टार्टअप्स और उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का एक मजबूत मंच बन चुका है।
वैश्विक व्यापार का बड़ा मंच बन चुका है यूपीआईटीएस
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो ने पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। यह आयोजन प्रदेश के उद्योगों, एमएसएमई इकाइयों, ओडीओपी उत्पादों, निर्यातकों और स्टार्टअप्स को दुनिया भर के खरीदारों और निवेशकों से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है।
सरकार का मानना है कि यह मंच प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2400 से अधिक प्रदर्शक होंगे शामिल
यूपीआईटीएस-2026 में 2400 से अधिक प्रदर्शकों के भाग लेने का अनुमान है। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी, उद्योगपति, स्टार्टअप्स और निर्यातक अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे।
इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहुंचाने का अवसर मिलेगा, जिससे व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
85 देशों के खरीदारों की होगी भागीदारी
ट्रेड शो में दुनिया के 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा 1.50 लाख से अधिक घरेलू बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) खरीदार भी इस आयोजन में हिस्सा लेंगे।
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की मौजूदगी प्रदेश के उत्पादों के निर्यात और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत बनाने में मदद करेगी।
4.50 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान
आयोजकों के अनुसार ट्रेड शो के दौरान लगभग 4.50 लाख आम नागरिकों के पहुंचने का अनुमान है। इससे यह आयोजन न केवल एक व्यापारिक मंच बल्कि आम जनता के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
लोगों को प्रदेश के उत्पादों, तकनीकी नवाचारों और औद्योगिक उपलब्धियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
4000 से अधिक एमओयू होने की संभावना
यूपीआईटीएस-2026 के दौरान 4000 से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई गई है।
इन समझौतों का अनुमानित मूल्य 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इससे प्रदेश में निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
13,500 करोड़ रुपये से अधिक के व्यापारिक अवसर
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस आयोजन से 13,500 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित व्यापारिक लीड और कारोबारी पूछताछ उत्पन्न हो सकती हैं।
इसका सीधा लाभ प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र, ओडीओपी इकाइयों, निर्यातकों और उद्यमियों को मिलेगा, जिससे उनकी बाजार पहुंच और कारोबार दोनों का विस्तार होगा।
1.10 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में होगा आयोजन
यह भव्य आयोजन लगभग 1.10 लाख वर्गमीटर के विशाल प्रदर्शनी क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। यहां विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, तकनीकी नवाचारों, स्टार्टअप्स और सरकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे।
आयोजन का उद्देश्य निवेशकों और उद्यमियों को उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराना है।
औद्योगिक और निवेश नीतियों का होगा प्रदर्शन
ट्रेड शो के दौरान योगी सरकार की औद्योगिक, निर्यात और निवेश प्रोत्साहन नीतियों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
इससे निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने और व्यापार विस्तार के लिए उपलब्ध सुविधाओं और संभावनाओं की जानकारी मिलेगी।
एमएसएमई और ओडीओपी को मिलेगा बड़ा लाभ
यूपीआईटीएस-2026 का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना से जुड़े उद्यमियों को मिलने की उम्मीद है।
इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए यह मंच महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, जिससे स्थानीय उद्योगों को नई पहचान मिलेगी।
ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य को मिलेगी नई गति
उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निवेश, निर्यात, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से यह आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
