स्मार्टफोन की चमकीली दुनिया और बेबस होते माता-पिता
लेखक:नितिन कुलकर्णी, IASअपर मुख्य सचिव, राज्यपाल, झारखंड रात के एक या दो बजे का समय है। पूरा घर गहरी नींद में डूबा हुआ है। लेकिन एक कमरे के दरवाजे के नीचे से मोबाइल की हल्की नीली रोशनी बाहर झलक रही है। आधी रात को मां की आंख खुलती है। वह पानी पीने के लिए उठती […]
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