Delhi के प्राइवेट स्कूल की यह घटना जानकर हो जाएंगे हैरान
Delhi News: राजधानी दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल (Private School) से हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल की यह खबर शिक्षक और छात्र के रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपको बता दें कि दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 के एक प्राइवेट स्कूल में टीचर ने 5 साल के दिव्यांग छात्र जमकर पिटाई कर दी। क्लास के दूसरे छात्रों के सामने दिव्यांग बच्चे (Disabled Children) के साथ टीचर ने दुर्व्यवहार किया। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने स्कूल के प्रिंसिपल की शिकायत पर शनिवार को आरोपी महिला टीचर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना 25 अप्रैल को हुई।

ये भी पढे़ंः Plot Scheme: NCR में सस्ती और छोटे प्लॉट की स्कीम, ये रही पूरी डिटेल
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक छात्र जब पहली से दूसरी कक्षा में जा रहा था तभी दूसरे टीचर ने उसका चेहरा देखा। दूसरे टीचर को लगा कि उसे थप्पड़ मारा गया है। उसने जब लड़के से पूछा कि क्या स्कूल में किसी ने उसको मारा या पीटा है। इस पर पीड़ित बच्चे ने अपनी आपबीती बताई। बच्चे नें बताया कि आरोपी महिला टीचर ने उसके मुंह पर टेप लगा दिया और उसके हाथ बांध दिए। वहीं आरोपी का कहना था कि बच्चा उसकी बात नहीं सुन रहा था। वह उसे काफी समय से परेशान कर रहा था।
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के अनुसार, प्रिंसिपल (Principal) को जब इस घटना की जानकारी दी गई तो उसके बाद सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। इस फुटेज में बच्चे के आरोपों की पुष्टि हुई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने पास ले लिया है। पुलिस वारदात की जांच कर रही है। प्रिंसिपल ने आरोपी महिला टीचर को पढ़ाने की ड्यूटी से हटाने का फैसला किया है। आरोपी को कुछ घंटों के अन्दर अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया सीसीटीवी हार्ड डिस्क पुलिस अधिकारी को सौंप दी गई है।
ये भी पढ़ेंः Noida-ग्रेटर नोएडा के बिल्डरों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं!
उक्त बच्चे के माता-पिता को स्कूल की तरफ से घटना की जानकारी दी गई। सिर्फ यही नहीं अनुकरणीय कार्रवाई (Exemplary Action) करने के लिए स्कूल प्रबंध समिति की आकस्मिक बैठक में आरोपी को सस्पेंड करने का निर्णय लिया गया। जारी बयान में बताया गया कि स्कूल छात्रों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखने के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि हाल ही में स्कूल को 300 से अधिक दिव्यांग बच्चों के लिए सुरक्षित घर देने के लिए पुरस्कृत हुआ है।
