Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में मदिरा के अवैध परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री लखन लाल देवांगन ने नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन में आबकारी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह नियंत्रण किया जाए और पड़ोसी राज्यों से आने वाली शराब की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
बैठक में आबकारी सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव श्री देवेन्द्र भारद्वाज सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिलेवार रणनीति बनाने और अनुशासन के साथ काम करने पर जोर दिया।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी निगरानी
आबकारी मंत्री ने राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित जांच चौकियों को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध शराब पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की लगातार निगरानी की जाए और विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।
मंत्री ने जिला अधिकारियों को यह भी कहा कि अवैध शराब बेचने वालों और तस्करों के खिलाफ बिना किसी समझौते के कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आबकारी विभाग का कोई भी कर्मचारी अवैध कारोबारियों के साथ मिलीभगत न करे।
शराब दुकानों में पारदर्शिता पर जोर
बैठक में शराब दुकानों में उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि दुकानों में मांग के अनुसार पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होना चाहिए और निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने दुकानों में शराब की बोतलों और कीमतों को नियम के अनुसार रैक में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्राहकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके साथ ही कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पेटीएम और अन्य डिजिटल भुगतान के अलग काउंटर बनाने की बात भी कही गई।
लक्ष्य से पीछे जिलों पर विशेष फोकस
आबकारी मंत्री ने जिलेवार राजस्व लक्ष्य की समीक्षा करते हुए उन जिलों की सराहना की जिन्होंने अपने लक्ष्य पूरे किए हैं। वहीं जिन जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा, उन्हें दुकानवार समीक्षा कर नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी कि शराब में किसी प्रकार की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए आकस्मिक निरीक्षण करने और अनियमितता मिलने पर दोषी कर्मचारियों को तुरंत हटाकर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए।

बार, होटल और ढाबों की होगी जांच
आबकारी सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने अधिकारियों को बार, क्लब, होटल और ढाबों की अचानक जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तय समय के बाद शराब बेचने या अवैध मदिरा का कारोबार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही अवैध शराब और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर पुलिस विभाग का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए गए। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में शराब कारोबार को पूरी तरह नियमबद्ध और पारदर्शी बनाना है।
