UP News: मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना किसानों को 31,682 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। सरकार के अनुसार वर्ष 2017 से अब तक किसानों को कुल 3,23,572 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना हुआ है।
नौ वर्षों में बना रिकॉर्ड
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के अनुसार वर्ष 1995 से 2017 तक के 22 वर्षों में किसानों को कुल 2,13,519 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। वहीं वर्तमान सरकार ने मात्र नौ वर्षों में इससे 1,10,053 करोड़ रुपये अधिक भुगतान कर नया रिकॉर्ड बनाया है।
इसी प्रकार वर्ष 2007 से 2017 के बीच दस वर्षों में किसानों को 1,47,346 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था, जबकि वर्ष 2017 से अब तक यह आंकड़ा बढ़कर 3,23,572 करोड़ रुपये पहुंच चुका है।
91.64 प्रतिशत गन्ना मूल्य का हुआ भुगतान
सरकार के अनुसार पेराई सत्र 2025-26 में किसानों को अब तक 31,682 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जो कुल देय राशि का 91.64 प्रतिशत है।
सरकार का कहना है कि समयबद्ध भुगतान से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और कृषि गतिविधियों को गति मिली है।
121 चीनी मिलों ने किया रिकॉर्ड उत्पादन
पेराई सत्र 2025-26 के दौरान प्रदेश की 121 संचालित चीनी मिलों ने 878.12 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.52 लाख टन चीनी का उत्पादन किया।
सरकार का दावा है कि यह उपलब्धि गन्ना उत्पादन और चीनी उद्योग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
चीनी उद्योग से 10 लाख लोगों को मिला रोजगार
मार्च 2017 से अब तक प्रदेश में—
- 4 नई चीनी मिलों की स्थापना की गई।
- 7 बंद चीनी मिलों का पुनः संचालन शुरू किया गया।
- 42 निजी, 1 निगम और 1 सहकारी चीनी मिल में क्षमता विस्तार किया गया।
इन प्रयासों से 1,28,500 टीसीडी (टन क्रशिंग प्रति दिन) अतिरिक्त पेराई क्षमता विकसित हुई। सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है।
गन्ना क्षेत्रफल और उत्पादकता में भी बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2016-17 में गन्ने का कुल क्षेत्रफल 20.54 लाख हेक्टेयर था, जो बढ़कर 28.61 लाख हेक्टेयर हो गया है। यानी लगभग 39.29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसी अवधि में गन्ने की औसत उत्पादकता 72.38 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 83.25 टन प्रति हेक्टेयर हो गई। उन्नत गन्ना किस्मों, वैज्ञानिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से प्रति हेक्टेयर 10.87 टन की वृद्धि दर्ज की गई है।
गन्ना किसानों की संख्या 48 लाख पहुंची
प्रदेश में वर्ष 2016-17 में लगभग 33 लाख गन्ना किसान थे। वर्तमान में उनकी संख्या बढ़कर 48 लाख हो गई है। यानी पिछले नौ वर्षों में 15 लाख नए किसान गन्ना खेती से जुड़े हैं।
सरकार का कहना है कि रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान, बढ़ता उत्पादन, बेहतर उत्पादकता और किसानों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि राज्य की किसान-केंद्रित नीतियों से गन्ना क्षेत्र को मजबूती मिली है।
गन्ना उत्पादन और भुगतान दोनों में यूपी अग्रणी
प्रदेश सरकार का दावा है कि समय पर गन्ना मूल्य भुगतान, चीनी उद्योग का विस्तार, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के कारण उत्तर प्रदेश आज देश में गन्ना उत्पादन और गन्ना मूल्य भुगतान—दोनों क्षेत्रों में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हो चुका है।
