Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में सामाजिक अंकेक्षण को मिलेगी नई मजबूती, मुख्य सचिव ने दिए पारदर्शिता और जवाबदेही के निर्देश

छत्तीसगढ़
Spread the love

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में सामाजिक अंकेक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई की सामान्य सभा की बैठक में सामाजिक अंकेक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, कार्यप्रणाली और आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सामाजिक अंकेक्षण के दौरान प्राप्त सभी आपत्तियों का कंडिकावार और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण केवल योजनाओं की समीक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण उपकरण है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाई जाए, क्योंकि यह ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

सभी ग्राम पंचायतों में होगा सामाजिक अंकेक्षण

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण कराया जाएगा।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिला कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि सामाजिक अंकेक्षण की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से ग्राम सभाओं के समक्ष प्रस्तुत की जाए, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

कार्ययोजना और बजट को मिली मंजूरी

बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान किए गए सामाजिक अंकेक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना और बजट को भी स्वीकृति प्रदान की गई। अधिकारियों ने सामाजिक अंकेक्षण इकाई के विस्तार, कार्यों में नवाचार और गुणवत्ता सुधार के लिए विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की।

नवाचार और क्षमता विस्तार पर रहेगा फोकस

बैठक में सामाजिक अंकेक्षण कार्यों को अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए विकास एजेंसियों के सहयोग, इकाई के विस्तार तथा विभिन्न योजनाओं से निश्चित विकास निधि उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत सामाजिक अंकेक्षण कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक पदों को नियमानुसार भरने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

मनरेगा की नई व्यवस्था पर भी हुई चर्चा

बैठक में संशोधित मनरेगा योजना (वीबीजीरामजी) में सामाजिक अंकेक्षण के प्रावधानों का अध्ययन कर उन्हें प्रभावी रूप से लागू करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने माना कि नई व्यवस्था के अनुरूप सामाजिक अंकेक्षण प्रणाली को और मजबूत बनाना आवश्यक होगा, ताकि योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।

सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, कृषि, आदिम जाति विकास, जल संसाधन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सरकार का मानना है कि मजबूत सामाजिक अंकेक्षण प्रणाली न केवल योजनाओं की निगरानी को बेहतर बनाएगी, बल्कि ग्राम स्तर पर पारदर्शिता, जनविश्वास और सुशासन को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।