UP News: ग्रेटर नोएडा/हाथरस, 28 जून। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने हाथरस अर्बन सेंटर के विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ‘मास्टर प्लान 2041’ के तहत हाथरस को हाईटेक औद्योगिक और आवासीय सैटेलाइट टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। यह परियोजना यीडा के फेज-2 विकास का हिस्सा होगी, जिसमें हाथरस को चार प्रमुख अर्बन नोड्स में विशेष रूप से इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में तैयार किया जाएगा।
50 से अधिक गांव होंगे शामिल, आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा शहर
करीब 10 हजार एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस नए शहर में हाथरस और सासनी तहसील के 50 से अधिक गांव शामिल किए जाएंगे। परियोजना के तहत औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय सेक्टर, कमर्शियल एवं लॉजिस्टिक्स हब तथा ग्रीन बेल्ट विकसित किए जाएंगे। शहर की योजना जीआईएस आधारित तकनीक से तैयार की जा रही है, जिससे सुनियोजित और आधुनिक शहरी विकास सुनिश्चित हो सके।
जेवर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
प्रस्तावित हाथरस अर्बन सेंटर नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (जेवर) के कैचमेंट एरिया में स्थित होगा। यमुना एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग-93, बरेली-मथुरा हाईवे और स्टेट हाईवे-33 से सीधी कनेक्टिविटी इसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल करेगी। इसे आगरा के सैटेलाइट टाउन के रूप में भी विकसित किया जाएगा।
हींग, गुलाल और एमएसएमई उद्योगों को मिलेगा वैश्विक मंच
हाथरस की प्रसिद्ध हींग और गुलाल उद्योग सहित 10 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा। फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स, ग्लास बीड्स, मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा निर्माण जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। भविष्य में मेडिकल उपकरण और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को भी निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
लाखों रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
यीडा के अनुसार परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। परियोजना के पूरा होने पर हाथरस औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बनेगा और स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
