Greater Noida west: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसायटी में प्लास्टर गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं ने वहां रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राहत की बात यह रही कि दोनों घटनाओं में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन रहवासियों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में गंभीर दुर्घटना हो सकती है। लोगों ने बिल्डर पर घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने और रखरखाव में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
देर रात बेड पर गिरा छत का प्लास्टर
पहली घटना गुरुवार देर रात करीब 1 बजे हुई। एक फ्लैट के कमरे की छत से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे बेड पर गिर गया। उस समय बेड पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि पास में बैठे दो लोग इस घटना से घबरा गए और उनकी आंखों में मिट्टी चली गई। बाद में उन्हें डॉक्टर के पास ले जाकर इलाज कराया गया।
16वीं मंजिल से गिरा प्लास्टर का टुकड़ा
दूसरी घटना शुक्रवार शाम को हुई। सोसायटी की 16वीं मंजिल से प्लास्टर का एक टुकड़ा नीचे खुले क्षेत्र में गिरा। यह हिस्सा पार्किंग एरिया में जाकर गिरा। उस समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, इसलिए कोई घायल नहीं हुआ। रहवासियों का कहना है कि यदि वहां कोई वाहन या व्यक्ति होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रहवासियों ने लगाए गंभीर आरोप
सोसायटी के लोगों का आरोप है कि बिल्डर ने निर्माण के दौरान घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया था। उनका कहना है कि इसी कारण आए दिन प्लास्टर टूटकर गिरने जैसी घटनाएं हो रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिल्डिंग का रखरखाव सही तरीके से नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं होने से बढ़ी चिंता
रहवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्राधिकरण पहले भी कई बार बिल्डर प्रबंधन को बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दे चुका है, लेकिन अब तक यह काम पूरा नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण तेज हवा या मौसम बदलने पर भी प्लास्टर टूटकर गिर जाता है।
सुरक्षा को लेकर कार्रवाई की मांग
दो दिनों में हुई इन घटनाओं के बाद सोसायटी के रहवासियों ने बिल्डिंग की पूरी जांच कराने और जरूरी मरम्मत जल्द शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं कराया जाता और कमजोर हिस्सों की मरम्मत नहीं होती, तब तक लोगों की जान जोखिम में बनी रहेगी। रहवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मामले में तत्काल कार्रवाई करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
