Punjab News: चंडीगढ़, 18 जुलाई। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पंजाब दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य के लोगों को केंद्र सरकार से पंजाब के लंबित वित्तीय बकायों को जारी किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने दौरे के दौरान राज्य के वित्तीय मुद्दों पर बात करने के बजाय राजनीतिक टिप्पणियों पर अधिक जोर दिया।
लंबित बकाया जारी करने की मांग दोहराई
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार लगातार केंद्र से राज्य के लंबित वित्तीय बकायों, जिनमें ग्रामीण विकास निधि (RDF) और अन्य देय राशि शामिल हैं, जारी करने की मांग करती रही है। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ राहत से जुड़ी घोषित सहायता राशि और अन्य बकाया भी अब तक पूरी तरह जारी नहीं किए गए हैं।
राज्य सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख
प्रेस वार्ता के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में मुफ्त बिजली, रोजगार, सड़क निर्माण और अन्य विकास योजनाओं पर काम किया है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और आधारभूत ढांचे में पूंजीगत निवेश बढ़ाया गया है।
प्रधानमंत्री के आरोपों पर दिया जवाब
चीमा की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संबोधन के बाद आई, जिसमें उन्होंने पंजाब में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और केंद्र से मिले धन के उपयोग को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की थी। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में पंजाब में बदलाव की जरूरत पर भी जोर दिया था।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी
प्रधानमंत्री के दौरे के बाद पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर राज्य सरकार केंद्र पर लंबित बकाया रोकने का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा राज्य सरकार के कामकाज और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही है।
