Chhattisgarh News: रायपुर, 18 जुलाई। नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी (FAITH) कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने अपनी पर्यटन संभावनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। कार्यक्रम में देशभर के पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी विशेषज्ञों, ट्रैवल एजेंट्स, विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के प्रतिनिधियों और ट्रैवल मीडिया के बीच राज्य के पर्यटन विकास और निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई।
प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन पर दिया गया जोर
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा और छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, जनजातीय और साहसिक पर्यटन संभावनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि घने वन, जलप्रपात, पुरातात्विक धरोहर, वन्यजीव और जनजातीय संस्कृति छत्तीसगढ़ को एक विशिष्ट पर्यटन गंतव्य बनाते हैं।
पर्यटन अधोसंरचना और निवेश पर हुई चर्चा
पैनल चर्चा के दौरान पर्यटन अधोसंरचना के विकास, नई पर्यटन नीतियों, निजी निवेश, सामुदायिक सहभागिता, ईको-टूरिज्म, होम-स्टे, धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज पर्यटन और सतत पर्यटन विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही टूर ऑपरेटरों और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ भ्रमण के लिए आमंत्रित किया गया।
पर्यटन को रोजगार और आर्थिक विकास से जोड़ने का प्रयास
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि राज्य में पर्यटन को रोजगार सृजन, निवेश और स्थानीय आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों से राज्य के पर्यटन स्थलों को अपने पर्यटन परिपथों में शामिल करने की अपील की।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ाने पर फोकस
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए अधोसंरचना, डिजिटल प्रचार-प्रसार, निवेश अनुकूल वातावरण और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
पर्यटन विशेषज्ञों ने दिखाई रुचि
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं में रुचि दिखाई। सम्मेलन में शामिल पर्यटन विशेषज्ञों ने माना कि प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, साहसिक और जनजातीय पर्यटन के क्षेत्र में राज्य के पास व्यापक संभावनाएं हैं, जिन्हें प्रभावी प्रचार और साझेदारी के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकता है।
