UP News: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ा फैसला लिया है।
UP News: उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राशन कार्ड धारकों (Ration Card Holders) के लिए बड़ा फैसला लिया है। जिन लोगों ने अब तक ई-केवाईसी (E-KYC) नहीं कराई है, उन्हें अक्टूबर से राशन नहीं मिलेगा। शासन ने सितंबर का समय अंतिम मौका देते हुए लाभार्थियों से जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा करने की अपील की है। पढ़िए पूरी खबर…

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3.43 लाख यूनिटों का राशन रोका गया
लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिले में 3.43 लाख राशन कार्ड यूनिटों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, जिसके कारण उनका राशन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि यदि ये यूनिटें सितंबर में ई-केवाईसी पूरी कर लेती हैं, तो अक्टूबर में राशन फिर से मिलना शुरू हो जाएगा। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो संबंधित नाम राशन कार्ड से हमेशा के लिए हटा दिए जाएंगे और दोबारा जोड़ा नहीं जाएगा।
जिला पूर्ति अधिकारी की चेतावनी
जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार सिंह (Anjani Kumar Singh) ने जानकारी दी कि राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य की ई-केवाईसी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 88.2 प्रतिशत लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, वहीं मुखिया की ई-केवाईसी 91.44 प्रतिशत तक हो चुकी है। इसके बावजूद 343072 यूनिटों की प्रक्रिया अभी बाकी है।
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कोटे की दुकान पर जाकर कराएं ई-केवाईसी
जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी संबंधित लाभार्थियों से आग्रह किया है कि वे अपने नजदीकी राशन कोटे की दुकान पर जाकर जल्द से जल्द ई-केवाईसी करा लें। ऐसा न करने पर अक्टूबर से राशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और राशन कार्ड से नाम भी हटा दिया जाएगा, जो दोबारा जोड़ा नहीं जाएगा।
डिस्टेंस पॉलिसी के विरोध में जन औषधि केंद्र बंद
इस बीच शुक्रवार को जिले के कई जन औषधि केंद्र बंद रहे। केवल सरकारी अस्पतालों में स्थित केंद्र खुले थे। केंद्र संचालकों ने बताया कि डिस्टेंस पॉलिसी के विरोध में ये कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले जन औषधि केंद्र खोलने के लिए 3 किलोमीटर की दूरी नीति लागू थी, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इससे आसपास कई केंद्र खुलने लगे हैं, जिससे पहले से स्थापित केंद्रों की बिक्री और अस्तित्व पर असर पड़ रहा है।
जरूरतमंदों को नहीं मिली दवा
जन औषधि केंद्रों के बंद होने से दवा लेने पहुंचे मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ा। कई जरूरतमंद लोग सरकारी अस्पतालों के अलावा आसपास खुले जन औषधि केंद्रों पर पहुंचे थे, लेकिन ताले लटके मिलने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी।
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अब लापरवाही नहीं चलेगी
ई-केवाईसी (E-KYC) को लेकर सरकार का यह सख्त रुख दर्शाता है कि पात्र लाभार्थियों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। ऐसे में जिन लोगों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनके लिए सितंबर आखिरी मौका है। यदि इस बार भी चूक हो गई, तो उनका नाम हमेशा के लिए हटाया जा सकता है।
