Greater Noida: नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने एक्वा लाइन के ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक विस्तार की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
Greater Noida: नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने एक्वा लाइन के ग्रेटर नोएडा वेस्ट (Greno West) तक विस्तार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस परियोजना के लिए पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) में प्रस्तुतीकरण की योजना बनाई जा रही है। यह विस्तार दो चरणों में होगा, जिसमें पहले चरण में सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 तक और दूसरे चरण में ग्रेटर सेक्टर-2 से नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो लाइन (Metro Line) का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से करीब चार लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। पढ़िए पूरी डिटेल्स…

दो चरणों में होगा मेट्रो विस्तार
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो विस्तार परियोजना (Metro Expansion Project) को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में 9.605 किलोमीटर लंबा रूट सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 तक बनाया जाएगा, जिसमें पांच स्टेशन होंगे। दूसरे चरण में 5.8 किलोमीटर का विस्तार ग्रेटर सेक्टर-2 से नॉलेज पार्क-5 तक होगा, जिसमें चार स्टेशन शामिल होंगे। कुल मिलाकर 17.435 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 11 स्टेशन होंगे, जिसमें से तीन स्टेशन नोएडा में और आठ ग्रेटर नोएडा में होंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 2,991.60 करोड़ रुपये है।
पीआईबी में प्रस्तुतीकरण की तैयारी
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (Noida Metro Rail Corporation) ने इस परियोजना के लिए पीआईबी में प्रस्तुतीकरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इससे पहले साल 2023 में भी प्रस्तुतीकरण दिया गया था, लेकिन तब सेक्टर-51 के बजाय सेक्टर-61 को इंटरचेंज हब बनाने का सुझाव आया था। इस बदलाव के कारण रूट की लंबाई 15 किलोमीटर से बढ़कर 17.435 किलोमीटर हो गई। एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद ने कहा कि नवंबर के अंतिम सप्ताह या दिसंबर के पहले सप्ताह में पीआईबी से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मंजूरी मिलने के तीन महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, और पूरे सिविल कार्य को एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।
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रूट और स्टेशनों का विवरण
यह मेट्रो रूट सेक्टर-51 से शुरू होकर नॉलेज पार्क-5 तक जाएगा। प्रस्तावित स्टेशन इस प्रकार हैं- सेक्टर-51 (मौजूदा), सेक्टर-61 (प्रस्तावित इंटरचेंज हब), सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123, ग्रेटर सेक्टर-4, ईकोटेक-12, ग्रेटर सेक्टर-2, ग्रेटर सेक्टर-3, ग्रेटर सेक्टर-10, और ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क-5। इस रूट की कुल लंबाई 17.435 किलोमीटर होगी, जिसमें नोएडा में 3.33 किलोमीटर और ग्रेटर नोएडा में 14.105 किलोमीटर का हिस्सा होगा। इस रूट पर रोजाना 1.23 लाख यात्रियों के सफर करने का अनुमान है।
परियोजना में फंडिंग का बंटवारा
इस परियोजना के लिए फंडिंग विभिन्न हितधारकों से प्राप्त होगी। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार प्रत्येक 12.97 प्रतिशत फंड (इक्विटी) प्रदान करेंगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 10.04 प्रतिशत और नोएडा प्राधिकरण 5 प्रतिशत योगदान देगा। इसके अलावा, जीआईए और जियोयूपी (एसडी) प्रत्येक 7.02 प्रतिशत और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड 44.98 प्रतिशत फंड देगा। कुल लागत का 67 प्रतिशत हिस्सा ग्रेटर नोएडा और 33 प्रतिशत नोएडा पर आएगा। इस वित्तीय ढांचे के साथ परियोजना को तेजी से पूरा करने की योजना है।
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चार लाख लोगों को मिलेगा लाभ
इस मेट्रो विस्तार से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले करीब चार लाख लोगों को सीधा लाभ होगा। यह रूट विकास मार्ग और नोएडा-ग्रेटर नोएडा लिंक रोड पर भारी ट्रैफिक को कम करने में भी मदद करेगा। सेक्टर-61 में दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन के साथ इंटरचेंज हब बनने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। वर्तमान में एक्वा लाइन सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा डिपो तक संचालित है, और इसका विस्तार सेक्टर-142 तक भी प्रस्तावित है।
