Greater Noida

Greater Noida: इंजीनियर युवराज मेहता की तरह एक और कार नाले में गिरी..उसके बाद जो हुआ…!

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट नोएडा
Spread the love

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर खुले नाले और अधूरे सुरक्षा इंतजामों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामले में एक कार खुले नाले में जा गिरी, जिसके बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन घटना ने शहर में सड़क और नाला सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

खुले नाले में गिरी कार, बाल-बाल बची जान

जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा में सड़क किनारे स्थित खुले नाले में एक कार अचानक जा गिरी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से कार चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में वाहन को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित स्थान पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और प्रकाश व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में रात या खराब मौसम के दौरान दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

ग्रेटर नोएडा में खुले नालों, गड्ढों और निर्माण स्थलों को लेकर पहले भी कई गंभीर हादसे सामने आ चुके हैं। कुछ महीने पहले सेक्टर-150 में एक कार खुले जलभराव वाले गड्ढे में गिर गई थी, जिसके बाद प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठे थे। इसी तरह कासना क्षेत्र में एक कार 90 डिग्री मोड़ पर नाले में गिर गई थी, जहां स्थानीय लोगों ने सुरक्षा संकेतों और बैरिकेडिंग की कमी को जिम्मेदार बताया था।

इसके अलावा खुले गड्ढों और असुरक्षित निर्माण स्थलों के कारण पहले भी जानलेवा घटनाएं हो चुकी हैं। कई आवासीय और विकास क्षेत्रों में खुले नाले तथा खुदाई वाले स्थान लंबे समय तक बिना सुरक्षा उपायों के छोड़ दिए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की मांग

घटना के बाद निवासियों ने मांग की है कि शहर के सभी खुले नालों, गहरे गड्ढों और निर्माण स्थलों का सर्वे कराया जाए। जहां भी सुरक्षा संबंधी कमी हो, वहां तत्काल बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

लोगों का कहना है कि हर हादसे के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। ऐसे में स्थायी समाधान की जरूरत है।

बढ़ते शहरीकरण के साथ बढ़ रही चुनौती

ग्रेटर नोएडा में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और नए विकास कार्यों के कारण निर्माण गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विकास परियोजनाओं के साथ सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना भी उतना ही जरूरी है, ताकि आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े।

हादसों से सबक लेने की जरूरत

यह घटना भले ही बिना किसी बड़ी जनहानि के समाप्त हो गई हो, लेकिन इसने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। शहर में खुले नालों, अधूरी बैरिकेडिंग और कमजोर सुरक्षा व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करना अब प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अपूरणीय क्षति का सामना न करना पड़े।