UP News: अयोध्या, 21 मई। रामनगरी अयोध्या में फूलों की खेती को नई पहचान देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। पिरखौली क्षेत्र में प्रदेश का पहला “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लावर” स्थापित किया जाएगा। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र तीन हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य फूलों की आधुनिक खेती को बढ़ावा देना, किसानों की आय बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण फूलों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
आधुनिक फूलों की खेती का बनेगा प्रमुख केंद्र
उद्यान विभाग के अनुसार यह केंद्र फूल उत्पादकों के लिए तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र बनेगा। यहां किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से फूलों की खेती करना सिखाया जाएगा। इसके साथ ही कीट प्रबंधन, सिंचाई तकनीक, पौधों की देखभाल और फूलों के विपणन की पूरी जानकारी भी दी जाएगी।
केंद्र में कई दुर्लभ और लोकप्रिय फूलों की प्रजातियां उगाई जाएंगी। इनमें डच रोज और उच्च गुणवत्ता वाले गेंदे की विशेष वैरायटी शामिल होंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना प्रदेश में फूलों की खेती को नई दिशा देगी।
श्रीराम मंदिर के लिए होगी फूलों की आपूर्ति
अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनने के बाद प्रतिदिन बड़ी मात्रा में फूलों की आवश्यकता होती है। ऐसे में यह केंद्र स्थानीय स्तर पर ताजे और गुणवत्तापूर्ण फूल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे बाहर से फूल मंगाने की जरूरत कम होगी और स्थानीय किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार का मानना है कि धार्मिक पर्यटन और कृषि को जोड़कर यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। फूलों की खेती से जुड़े छोटे किसान भी बेहतर कमाई कर सकेंगे।
किसानों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
इस परियोजना से स्थानीय किसानों में फूलों की खेती के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। अभी अधिकांश किसान पारंपरिक खेती पर निर्भर हैं, लेकिन अब वे आधुनिक फूलों की खेती अपनाकर अधिक लाभ कमा सकेंगे। इसके साथ ही फूलों की पैकेजिंग, परिवहन, प्रसंस्करण और विपणन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
केंद्र के निर्माण और संचालन से सैकड़ों युवाओं और महिलाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार इसे आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केंद्र
उद्यान विभाग इस परियोजना को आधुनिक तकनीक के साथ विकसित करेगा। यहां ग्रीनहाउस, ड्रिप इरिगेशन, सोलर पावर और टिश्यू कल्चर लैब जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी। किसान यहां आकर विशेषज्ञों से सीधे सलाह ले सकेंगे और नई तकनीकों की जानकारी हासिल कर पाएंगे।
अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसी मॉडल पर आगे चलकर मथुरा और वाराणसी में भी ऐसे फ्लावर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
कृषि और धार्मिक पर्यटन को जोड़ने की पहल
योगी आदित्यनाथ सरकार कृषि विविधीकरण, किसान कल्याण और धार्मिक पर्यटन को साथ लेकर विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। पिरखौली में बनने वाला यह फ्लावर सेंटर उसी सोच का हिस्सा माना जा रहा है। यह परियोजना केवल फूलों की खेती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे प्रदेश में कृषि और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मदद करेगी।
