UP News: लखनऊ, 21 मई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा और ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा अभियान चला रही है। इसी दिशा में “ज्ञान भारतम् मिशन” के तहत प्रदेशभर में प्राचीन पांडुलिपियों की खोज, संरक्षण और डिजिटलीकरण का कार्य तेज कर दिया गया है। इस मिशन का उद्देश्य भारत की प्राचीन बौद्धिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाना है।
प्रदेशभर में चल रहा विशेष सर्वे अभियान
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी और सार्वजनिक पुस्तकालयों में रखी दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान की जा रही है। इसके अलावा निजी संग्रहकर्ताओं के पास मौजूद पुराने हस्तलिखित ग्रंथों को भी खोजा जा रहा है।
सरकार ने इसके लिए विशेष सर्वे टीमों का गठन किया है। ये टीमें गांव-गांव और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचकर प्राचीन दस्तावेजों और पांडुलिपियों की जानकारी जुटा रही हैं। मिशन के तहत इन पांडुलिपियों को स्कैन कर डिजिटल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि उनका सुरक्षित संरक्षण हो सके।
वाराणसी, अयोध्या और रामपुर में मिलीं सबसे ज्यादा पांडुलिपियां
अब तक चलाए गए सर्वे में हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें धर्म, दर्शन, आयुर्वेद, ज्योतिष, साहित्य, संगीत, इतिहास और भारतीय संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री शामिल है।
विशेष रूप से वाराणसी, अयोध्या और रामपुर में सबसे अधिक पांडुलिपियां मिली हैं। इनमें कई सदियों पुरानी हस्तलिखित सामग्री भी शामिल है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। संस्कृत, फारसी, अरबी और हिंदी भाषाओं में लिखी गई कई दुर्लभ पांडुलिपियां भी सामने आई हैं।
वैज्ञानिक तरीके से होगा संरक्षण और डिजिटलीकरण
ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों का केवल संग्रह ही नहीं किया जाएगा, बल्कि उनका वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, सूचीकरण और डिजिटलीकरण भी किया जाएगा। इससे शोधार्थियों, विद्यार्थियों और इतिहासकारों को अध्ययन में मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि डिजिटल रूप में सामग्री सुरक्षित रहने से यह लंबे समय तक संरक्षित रहेगी और दुनिया भर के लोग भारतीय ज्ञान परंपरा को समझ सकेंगे। इससे भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को वैश्विक पहचान भी मिलेगी।
भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की पहल
उत्तर प्रदेश सदियों से भारतीय ज्ञान और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है। काशी, अयोध्या, मथुरा और रामपुर जैसे शहर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यहां आज भी बड़ी संख्या में दुर्लभ ग्रंथ और पांडुलिपियां सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान को दुनिया के सामने मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रहे हैं। “ज्ञान भारतम् मिशन” को उसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यह अभियान केवल पुरानी पांडुलिपियों को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी प्रयास है।
