UP News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।
UP News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr) जिले के खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के फराना गांव (Farana Village) में एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। राज्य स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी ब्रजेश सोलंकी (Brajesh Solanki) की रेबीज (Rabies) के कारण तड़प-तड़प कर मौत हो गई। यह घटना तब हुई, जब करीब एक महीने पहले एक कुत्ते के पिल्ले ने ब्रजेश को काट लिया था, और उन्होंने लापरवाही बरतते हुए एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई। देखिए पूरा वीडियो…
पिल्ले को बचाने की कोशिश में हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बीते महीने फराना गांव में एक नाले में कुत्ते का पिल्ला (Puppy) गिर गया था। ब्रजेश ने मानवीयता दिखाते हुए पिल्ले को बचाने की कोशिश की। इस दौरान पिल्ले ने उनके दाएं हाथ की उंगली में काट लिया। ब्रजेश ने इसे मामूली चोट समझकर नजरअंदाज कर दिया और एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया। यह लापरवाही उनकी जान पर भारी पड़ गई।
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करीब एक महीने बाद ब्रजेश की तबीयत बिगड़ने लगी। उनमें रेबीज के गंभीर लक्षण, जैसे पानी से डर (हाइड्रोफोबिया), बेचैनी, और शरीर में सुन्नपन, दिखाई देने लगे। परिजनों ने उन्हें तुरंत अलीगढ़ के जीवन ज्योति अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। इसके बाद अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज, मथुरा के एक आयुर्वेदिक केंद्र, और दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भी इलाज की कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टरों ने रेबीज की पुष्टि करते हुए कहा कि अब इलाज संभव नहीं है।

तड़प-तड़प कर तोड़ा दम
27 जून 2025 को परिजन ब्रजेश को वापस गांव ला रहे थे, तभी रास्ते में उनकी दर्दनाक मौत हो गई। उनकी मृत्यु से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे चारपाई पर तड़पते नजर आ रहे हैं। वीडियो में रेबीज के लक्षण साफ दिखाई दे रहे हैं, जिसमें उनकी आवाज नहीं निकल रही थी और शरीर में गंभीर ऐंठन थी। इस दृश्य ने देखने वालों को स्तब्ध कर दिया।
ब्रजेश सोलंकी (Brajesh Solanki) एक होनहार कबड्डी खिलाड़ी थे, जिन्होंने फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। वे प्रो कबड्डी लीग 2026 की तैयारी में जुटे थे। उनकी असामयिक मृत्यु से फराना गांव और खेल जगत में शोक की लहर है। परिजनों और साथी खिलाड़ियों का कहना है कि ब्रजेश की यह गलती एक सबक है कि कुत्ते के काटने को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
ब्रजेश की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की टीम ने 28 जून को फराना गांव का दौरा किया। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार सिंह ने परिजनों और आसपास के 29 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाई और जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि कुत्ते, बंदर, या किसी अन्य जानवर के काटने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जाकर वैक्सीन लगवाएं।
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रेबीज के प्रति जागरूकता जरूरी
यह घटना रेबीज (Rabies) की गंभीरता को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, रेबीज एक जानलेवा वायरल बीमारी है, जो कुत्ते के काटने से फैलती है। काटने के तुरंत बाद घाव को साबुन और पानी से धोकर 24 घंटे के भीतर एंटी-रेबीज वैक्सीन लेना जरूरी है। लक्षण दिखने के बाद इलाज लगभग असंभव हो जाता है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि पशु के काटने को हल्के में लेना जानलेवा हो सकता है।
