Noida News: बाज़ार से पनीर खरीदने वालों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है।
Noida News: बाज़ार से पनीर (Paneer) खरीदने वालों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नोएडा पुलिस (Noida Police) और खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक अंतरराज्यीय नकली पनीर (Fake Paneer) गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 14 क्विंटल मिलावटी पनीर ज़ब्त किया है। यह गिरोह पिछले 6 महीनों से दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के दुकानदारों को नकली पनीर को असली बताकर बेच रहा था, जिसमें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल हो रहा था। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पढ़िए पूरी खबर…
कैसे हुआ खुलासा?
नोएडा के सेक्टर-63 थाना पुलिस (Police) को मुखबिर से सूचना मिली कि एक महिंद्रा पिकअप वैन (Mahindra Pickup Van) में नकली पनीर की खेप लाई जा रही है। पुलिस ने वैन को रोककर जांच की, जिसमें 14 क्विंटल नकली पनीर बरामद हुआ। चालक गुलफाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। गुलफाम की निशानदेही पर अलीगढ़ के सहजपुरा गांव में चल रही फैक्ट्री पर छापा मारा गया, जहां से मुख्य सरगना गुड्डू उर्फ रहीश, अफसर, और नावेद व इकलाख को गिरफ्तार किया गया।
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नकली पनीर बनाने का खतरनाक तरीका
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी (Shakti Mohan Awasthi) ने कहा कि यह गिरोह नकली पनीर बनाने के लिए रेड बुल बीन (सॉर्टेक्स क्लीन) को सपरोता लिक्विड या पानी में भिगोकर उबालता था। इसके बाद मिश्रण में पोस्टर व्हाइटनर और नीले डिब्बे वाला केमिकल डालकर पनीर जैसा टेक्सचर बनाया जाता था। मिश्रण को कपड़े में बांधकर ठंडे पानी में डालकर दबाया जाता था ताकि पानी निकल जाए। दूसरे तरीके में ढोलपुर फ्रेश स्किम्ड मिल्क पाउडर को 8 क्विंटल पानी में उबालकर केमिकल और न्यूट्रिलिव रिफाइंड पाम ऑयल मिलाया जाता था, जिससे पनीर क्रीमी और असली जैसा दिखे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि नकली पनीर में पाम ऑयल, पोस्टर कलर, और अन्य केमिकल्स का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। पुलिस ने फैक्ट्री से पनीर बनाने की मशीनें, मिक्सर ग्राइंडर, 25-25 किलो के दो बोरे स्किम्ड मिल्क पाउडर बरामद किए गए हैं। पनीर के सैंपल जांच के लिए आगरा की लैब में भेजे गए हैं, और रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

180-220 रुपये प्रति किलो में बिकता था नकली पनीर
आरोपियों ने इस नकली पनीर (Fake Paneer) को 180 से 220 रुपये प्रति किलो की दर से एनसीआर के दुकानदारों को बेचा, जबकि इसकी लागत मात्र 35-40 रुपये प्रति किलो थी। यह उच्च मार्जिन के कारण दुकानदार इसे खरीदने के लिए लालायित रहते थे। पुलिस ने नकली पनीर की सप्लाई दिल्ली के जहांगीरपुरी, नोएडा के छिजारसी, बहलोलपुर, और गाजियाबाद के लालकुआं जैसे क्षेत्रों में होने की पुष्टि की है।
सख्त कार्रवाई की तैयारी
पुलिस (Police) ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट में पनीर को खाने के लिए अयोग्य पाया गया है, और अब मिलावट, हानिकारक खाद्य पदार्थ बेचने, और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
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लोगों से सावधानी बरतने की अपील
यह घटना एक चेतावनी है कि बाज़ार से खरीदा गया पनीर हमेशा शुद्ध नहीं होता। पहले के समय में लोग घर पर बने पनीर का उपयोग करते थे, जिसमें कोई हानिकारक रसायन नहीं होता था। अब बाज़ार पर निर्भरता बढ़ने से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। लोगों से अपील है कि वे विश्वसनीय दुकानों से ही पनीर खरीदें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।
