Srinagar Blast: श्रीनगर के बाहरी इलाके नौगाम स्थित पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात एक भीषण विस्फोट हुआ।
Srinagar Blast: जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बाहरी इलाके नौगाम स्थित पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात एक भीषण विस्फोट हुआ। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसका असर कई किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया और आसपास के घरों की दीवारें हिल गईं। पढ़िए पूरी खबर…
विस्फोटकों की जांच के दौरान हादसा
धमाका उस समय हुआ जब पुलिस और फॉरेंसिक टीम हाल ही में हरियाणा के फरीदाबाद से बरामद किए गए ‘व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल’ मामले से जुड़े बड़े मात्रा में विस्फोटकों के सैंपल निकालने की प्रक्रिया कर रही थी। अचानक जोरदार विस्फोट से पूरे पुलिस स्टेशन परिसर में आग और धुआं फैल गया। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से बरामद विस्फोटक पदार्थ की FSL टीम पिछले दो दिनों से जांच कर रही थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अस्थिरता सिर्फ मूवमेंट या हैंडलिंग के कारण नहीं हुई, बल्कि तापमान, रासायनिक संरचना और कुछ विशेष तत्वों के संपर्क जैसी संवेदनशील परिस्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं।

15 किलोमीटर दूर तक कंपन, भूकंप समझ बैठे लोग
पुलिस स्टेशन में हुए ब्लास्ट के बाद कई निवासियों ने दावा किया कि उन्होंने 15 किलोमीटर दूर तक झटके महसूस किए। स्थानीय लोग पहले इसे भूकंप का झटका समझ बैठे, लेकिन जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो गई कि यह एक बड़ा विस्फोट था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विस्फोटक सामग्री हरियाणा के फरीदाबाद से लाई गई थी। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट अचानक रासायनिक अस्थिरता से हुआ या इसके पीछे किसी साजिश की भूमिका थी।
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भयावह नुकसान और बचाव कार्य
पुलिस स्टेशन के एक हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसकी वजह से बचाव दल को मलबा हटाने में मुश्किल हो रही है। घटनास्थल से करीब 300 फीट दूर तक मानव अंगों के टुकड़े मिले हैं, जिससे ब्लास्ट की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। ब्लास्ट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दक्षिण श्रीनगर में धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। देखते ही देखते आग की लपटें पुलिस स्टेशन से उठती दिखाई दीं। घटना की जानकारी मिलते ही एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटनास्थल के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर अक्षय लाबरू ने घायलों का हालचाल लिया और अस्पताल प्रशासन को सभी जरूरी सुविधाएं तुरंत मुहैया कराने के निर्देश दिए। अफसरों ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और घायलों का इलाज चल रहा है।
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जांच के दो एंगल- लापरवाही या आतंकी साजिश?
इस विस्फोट को लेकर शुरुआती जांच में दो एंगल सामने आए हैं, जिन पर सुरक्षा एजेंसियां काम कर रही हैं। पहला एंगल यह है कि पुलिस स्टेशन में जब्त किए गए 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट को सील और हैंडल करने की प्रक्रिया में कोई चूक हुई, जिसके कारण विस्फोट हो सकता है। अमोनियम नाइट्रेट एक सेंसिटिव केमिकल है, जिसे हैंडल करने में जरा सी चूक भी भारी पड़ सकती है।
दूसरा एंगल आतंकी साजिश का है। पुलिस स्टेशन परिसर में जब्त की गई एक कार खड़ी थी, जिसे पहले किसी अवैध गतिविधि में इस्तेमाल के शक में पकड़ा गया था। आशंका है कि इस कार में पहले से IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाया गया था, जिसमें ब्लास्ट हो गया और इससे पास में रखे अमोनियम नाइट्रेट में भी विस्फोट हो गया।
आतंकी संगठनों ने ली जिम्मेदारी
घटना के बाद PAFF (पीपल्स एंटी-फासिस्ट फोर्स) और जैश-ए-मोहम्मद के शैडो ग्रुप ने इस धमाके की जिम्मेदारी ली है, जिसके बाद आतंकी एंगल को लेकर जांच और तेज कर दी गई है। नौगाम पुलिस स्टेशन इस समय एक इंटर-स्टेट टेरर मॉड्यूल से जुड़े बड़े मामले की जांच कर रहा था और इसी संबंध में कुछ जब्ती और गिरफ्तारियां की गई थीं। ऐसे समय में हुआ यह ब्लास्ट कई सवाल खड़े कर रहा है।
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फिलहाल NIA, SOG और बम स्क्वाड की टीमें मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और गंभीरता से जांच शुरू कर दी। आसपास के इलाकों की सघन जांच जारी है।
