Rajasthan News:जयपुर, 25 जून: राजस्थान सरकार ने जयपुर के सांगानेर क्षेत्र के लिए 631 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विस्तार और आम लोगों तक बेहतर नागरिक सुविधाएं पहुंचाने को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का मकसद सड़कों, बिजली, पानी और शहरी सेवाओं को मजबूत करना है। उनके मुताबिक, सरकार खास तौर पर आखिरी छोर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दे रही है, ताकि लोगों के जीवन स्तर में सीधे सुधार लाया जा सके।
सांगानेर में 1538 विकास कार्यों की घोषणा
भजनलाल शर्मा ने सांगानेर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि कुल 1538 विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं शहर और आसपास के इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तैयार की गई हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन कामों में सड़क, बिजली, पानी और दूसरी जरूरी सेवाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से लोगों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
जयपुर के ट्रांसपोर्ट और सफाई सिस्टम को ‘हाई-टेक’ बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर के परिवहन और स्वच्छता तंत्र को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से हाई-टेक बनाया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि शहर के तेजी से बढ़ते आकार और आबादी को देखते हुए अब इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना जरूरी हो गया है।
सरकार का फोकस सिर्फ नई परियोजनाएं शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मौजूदा शहरी सेवाओं को अधिक कुशल, तेज और तकनीक आधारित बनाने पर भी है। यही वजह है कि सफाई और ट्रांसपोर्ट दोनों को इस विकास एजेंडे का अहम हिस्सा बनाया गया है।
4 जुलाई को जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री
भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बताई जा रही है और इसे जयपुर के शहरी ढांचे के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार के मुताबिक, मेट्रो फेज-2 प्रह्लादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक कनेक्टिविटी देगा। इससे शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने, सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने और जयपुर के विस्तार को नई दिशा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सड़क, अस्पताल और सीवरेज से जुड़े कई प्रोजेक्ट भी शामिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांगानेर और जयपुर क्षेत्र में कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इनमें जयपुर-भीलवाड़ा रोड पर मुहाना मोड़ फ्लाईओवर, बंबाला में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पृथ्वीराज नगर में सैटेलाइट अस्पताल और भांकरोटा में ट्रॉमा सेंटर जैसे काम शामिल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ शहरी सेवाओं के विस्तार पर बराबर ध्यान दे रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिर्फ निर्माण नहीं, बल्कि नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना भी है।
115 मंदिरों के सौंदर्यीकरण और नवीनीकरण की भी घोषणा
भजनलाल शर्मा ने सांगानेर क्षेत्र के 115 मंदिरों के सौंदर्यीकरण और नवीनीकरण का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और विरासत संरक्षण, दोनों को साथ लेकर चलना चाहती है।
राज्य सरकार की कोशिश है कि एक तरफ आधुनिक शहरी ढांचा तैयार हो, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण भी किया जाए। इसीलिए इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के साथ धार्मिक स्थलों के नवीनीकरण को भी योजना का हिस्सा बनाया गया है।
यूनिटी मॉल, रिद्धि-सिद्धि फ्लाईओवर और सांगानेर एलिवेटेड रोड का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में यूनिटी मॉल, रिद्धि-सिद्धि फ्लाईओवर, सांगानेर एलिवेटेड रोड और द्रव्यवती नदी विकास जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी प्रगति पर हैं। उनके मुताबिक, ये परियोजनाएं शहर के यातायात, व्यापारिक गतिविधियों और शहरी ढांचे को मजबूत करेंगी।
सरकार इन प्रोजेक्ट्स को जयपुर के दीर्घकालिक शहरी विस्तार की रणनीति का हिस्सा मान रही है। खासकर सड़कों और यातायात से जुड़ी योजनाओं को शहर की बढ़ती आबादी और दबाव के हिसाब से जरूरी बताया जा रहा है।
सफाई व्यवस्था के लिए नई मशीनें, स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 पर फोकस
स्वच्छता के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में कचरा संग्रहण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पांच आधुनिक मैकेनिकल लिटर पिकर मशीनें शुरू की गई हैं। इन मशीनों का इस्तेमाल संकरी गलियों और मुश्किल स्थानों तक सफाई पहुंचाने के लिए किया जाएगा।
इसी कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत सीवर सफाई और जनजागरूकता से जुड़े वाहनों को भी रवाना किया गया। सरकार का दावा है कि शहरी स्वच्छता को अब पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़ाकर अधिक तकनीक-आधारित बनाया जा रहा है।
स्वामित्व कार्ड वितरण और ड्रोन सर्वे का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि राज्य में 8,000 से अधिक गांवों में ड्रोन आधारित सर्वे पूरे किए जा चुके हैं और अब तक लगभग 14 लाख संपत्ति कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
सरकार के मुताबिक, इससे ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर संपत्ति संबंधी अधिकारों को अधिक स्पष्ट और औपचारिक आधार मिलेगा। इसे प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम कदम बताया जा रहा है।
शहरी विस्तार के साथ नागरिक सेवाओं पर सरकार का बड़ा दांव
जयपुर के लिए घोषित 631 करोड़ रुपये की परियोजनाएं सिर्फ निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं दिखतीं, बल्कि इन्हें शहरी विस्तार, नागरिक सुविधाओं और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से एक व्यापक पैकेज के रूप में पेश किया जा रहा है। सरकार सड़क, मेट्रो, सीवरेज, अस्पताल, स्वच्छता और धार्मिक धरोहर—सभी को एक साथ जोड़कर विकास का बड़ा संदेश देना चाहती है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन घोषणाओं और परियोजनाओं का काम जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से आगे बढ़ता है। खासकर जयपुर मेट्रो फेज-2, सांगानेर के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और शहरी सेवाओं के हाई-टेक मॉडल पर आने वाले महीनों में सरकार की प्रगति पर नजर बनी रहेगी।
