IIT: टेक एंटरप्रेन्योर और IIT कानपुर के पूर्व छात्र सिद्धार्थ सक्सेना इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सिर्फ एक दिन में 8 मिलियन डॉलर यानी करीब 76 करोड़ रुपये की कमाई की थी। उनके इस खुलासे के बाद उनकी पढ़ाई, करियर, स्टार्टअप और सफलता की कहानी को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
सिद्धार्थ सक्सेना ने भारत के एक छोटे से शहर से अपना सफर शुरू किया और आगे चलकर अमेरिका में कई करोड़ों डॉलर की कंपनियां बनाने तक का मुकाम हासिल किया। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर विराज अला के साथ एक स्ट्रीट इंटरव्यू में अपनी पढ़ाई, करियर, कमाई और स्टार्टअप की दुनिया में सफल होने के लिए जरूरी सोच के बारे में विस्तार से बात की।
IIT कानपुर से किया BTech CSE
इंटरव्यू के दौरान सिद्धार्थ सक्सेना से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने भारत के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग यानी BTech CSE की पढ़ाई की है।
सिद्धार्थ सक्सेना ने साल 2019 में IIT कानपुर से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने रिसर्च, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया था।
हार्वर्ड से 20 गुना मुश्किल IIT कानपुर में एडमिशन का दावा
रैपिड फायर इंटरव्यू के दौरान सिद्धार्थ सक्सेना ने दावा किया कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने की तुलना में IIT कानपुर के BTech CSE कोर्स में दाखिला पाना 20 गुना ज्यादा मुश्किल है।
भारत सरकार की NIRF रैंकिंग में IIT कानपुर देश के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में चौथे स्थान पर है, जबकि ओवरऑल कैटेगरी में संस्थान पांचवें स्थान पर है।
IIT कानपुर के BTech कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए छात्रों को JEE Advanced परीक्षा में बेहतरीन रैंक हासिल करनी होती है। ओपन कैटेगरी में लगभग टॉप 280 रैंक हासिल करने वाले छात्रों को ही इस कोर्स में दाखिला मिल पाता है।
एक दिन में कमाए 8 मिलियन डॉलर
इंटरव्यू के दौरान सिद्धार्थ सक्सेना से पूछा गया कि उन्होंने एक साल में सबसे ज्यादा कितने पैसे कमाए हैं। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मैं इससे भी बेहतर बताता हूं। मैंने एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर कमाए थे।”
8 मिलियन डॉलर की रकम भारतीय मुद्रा में करीब 76 करोड़ रुपये होती है।
इसके बाद इंटरव्यूअर ने उनसे पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि वह एक ही दिन में मिलियनेयर बन गए थे। इस पर सिद्धार्थ सक्सेना ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हां, कुछ ऐसा ही।”
सिद्धार्थ सक्सेना 26 साल की उम्र में करोड़पति बन गए हैं।
पढ़ाई के दौरान ही शुरू कर दिया था काम
सिद्धार्थ सक्सेना ने IIT कानपुर से साल 2019 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। हालांकि, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही कर दी थी।
साल 2017 में उन्होंने Envestnet में रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंटर्न के तौर पर काम किया था।
इसके बाद साल 2018 में सिद्धार्थ सक्सेना ने फिनलैंड की Aalto University में रिसर्चर के तौर पर काम किया।
साल 2019 में उन्होंने बेंगलुरु में Yodlee और मुंबई में Wadhwani AI में रिसर्च इंटर्न के तौर पर काम किया।
इसके बाद Merlin की शुरुआत करने से पहले उन्होंने साल 2019 में मॉन्ट्रियल, कनाडा स्थित Jumio Corporation में मशीन लर्निंग इंजीनियर के तौर पर काम किया।
IIT कानपुर के दोस्तों के साथ शुरू की Merlin
साल 2022 में सिद्धार्थ सक्सेना ने अपने IIT कानपुर के दोस्तों प्रत्युष राय और सिरसेंदु सरकार के साथ मिलकर Merlin की स्थापना की।
Merlin एक AI आधारित Chrome Extension है, जो यूजर्स को ChatGPT जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
इस AI टूल की मदद से यूजर्स ब्राउजर पर काम करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक Merlin कंपनी की वैल्यू करीब 50 मिलियन डॉलर आंकी गई है।
Thine के भी सह-संस्थापक हैं सिद्धार्थ सक्सेना
Merlin के अलावा सिद्धार्थ सक्सेना Thine के भी सह-संस्थापक हैं। टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप की दुनिया में उन्होंने कम उम्र में कई कंपनियों को बनाने और आगे बढ़ाने का काम किया है।
भारत के एक छोटे शहर से अपना सफर शुरू करने वाले सिद्धार्थ सक्सेना ने अमेरिका में करोड़ों डॉलर की कंपनियां बनाने तक का सफर तय किया है।
सफल कंपनी बनाने के लिए जरूरी है जोखिम लेने की हिम्मत
इंटरव्यू के दौरान सिद्धार्थ सक्सेना ने भारत और अमेरिका की स्टार्टअप संस्कृति के बीच एक बड़े अंतर के बारे में भी बात की।
उनका कहना है कि भारत में पले-बढ़े कई लोग Scarcity Mindset यानी कमियों और सीमित संसाधनों वाली मानसिकता के साथ बड़े होते हैं।
इसके विपरीत सफल कंपनियां बनाने के लिए Abundance Mindset यानी अवसरों को देखने और जोखिम लेने वाली सोच जरूरी होती है।
सिद्धार्थ सक्सेना का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहता है, तो उसे जोखिम लेने से नहीं डरना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम ऐसी जगह से आते हैं, जहां हमारे पास ज्यादा पैसे और संसाधन नहीं होते। यह अमेरिका की सोच और माहौल से काफी अलग है। वहां लोगों के पास भरपूर संसाधनों वाली सोच होती है और कई लोग कोई काम इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें वह काम पसंद होता है, न कि इसलिए कि उन्हें वह काम मजबूरी में करना पड़ता है।
16 साल की उम्र में नहीं सोचा था इतनी सफलता मिलेगी
सिद्धार्थ सक्सेना ने इंटरव्यू में बताया कि वह साधारण माहौल में पले-बढ़े हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि भविष्य में उनकी जिंदगी इस मुकाम तक पहुंचेगी।
जब इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या 16 साल की उम्र में उन्होंने इतनी बड़ी सफलता हासिल करने की उम्मीद की थी, तो सिद्धार्थ सक्सेना ने जवाब दिया, “बिल्कुल नहीं।”
आज IIT कानपुर से BTech CSE करने वाले सिद्धार्थ सक्सेना टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप की दुनिया में अपनी पहचान बना चुके हैं। एक दिन में 8 मिलियन डॉलर कमाने के दावे से लेकर 50 मिलियन डॉलर वैल्यू वाली AI कंपनी Merlin बनाने तक उनका सफर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
