Greater Noida: ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद का सफर होगा आसान, यहाँ बनेगा यूपी का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट दिल्ली NCR
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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी में उत्तर प्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। जगह की कमी के कारण पहले प्रस्तावित चार लेन के फ्लाईओवर के डिजाइन में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यहां तीन-तीन लेन के दो तलों वाला कुल 6 लेन का डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्रेनो वेस्ट के शाहबेरी में डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया है। पहले यहां चार लेन का फ्लाईओवर प्रस्तावित था, लेकिन इसके निर्माण के लिए जरूरी 15 मीटर चौड़ी जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण प्राधिकरण को डिजाइन में बदलाव करना पड़ा।

इसके बाद कंसल्टेंट की मदद से दूसरे विकल्पों पर विचार किया गया और डबल डेकर फ्लाईओवर का प्रस्ताव तैयार किया गया।

1400 मीटर लंबा होगा डबल डेकर फ्लाईओवर

प्रस्तावित डबल डेकर फ्लाईओवर की लंबाई करीब 1400 मीटर होगी। इसके जरिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट को 130 मीटर रोड से शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।

इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट से गाजियाबाद और दिल्ली की तरफ आने-जाने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

दोनों तलों पर होगा वन-वे ट्रैफिक

डबल डेकर फ्लाईओवर में तीन-तीन लेन के दो अलग-अलग तल बनाए जाएंगे। इस तरह यह कुल 6 लेन का फ्लाईओवर होगा।

फ्लाईओवर के दोनों तलों पर वन-वे ट्रैफिक की व्यवस्था होगी। एक तल का इस्तेमाल एक दिशा में जाने वाले वाहनों के लिए किया जाएगा, जबकि दूसरे तल से विपरीत दिशा का ट्रैफिक गुजरेगा।

इस व्यवस्था से सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने और ट्रैफिक संचालन बेहतर होने की उम्मीद है।

करीब 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान

प्रस्तावित डबल डेकर फ्लाईओवर के निर्माण पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

पहले यहां चार लेन के फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित था, जिस पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था।

हालांकि, जगह की कमी के कारण डिजाइन में बदलाव करना पड़ा और अब डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार की गई है।

तिगरी चौक के जाम से मिल सकती है राहत

इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा ग्रेटर नोएडा वेस्ट, शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान समय में इस रूट पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। खासतौर पर तिगरी चौक पर लोगों को अक्सर लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है।

डबल डेकर फ्लाईओवर बनने के बाद ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद और दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ सकेंगे। इससे तिगरी चौक पर ट्रैफिक का दबाव कम होने और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

जगह की कमी के कारण बदला फ्लाईओवर का डिजाइन

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एक अधिकारी के मुताबिक, पिछले दिनों NHAI के साथ फ्लाईओवर निर्माण के लिए उपलब्ध जगह की समस्या को लेकर बातचीत हुई थी।

चार लेन के फ्लाईओवर के निर्माण के लिए करीब 15 मीटर चौड़ी जगह की जरूरत थी, लेकिन शाहबेरी में इतनी जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही थी।

इसके बाद कंसल्टेंट की मदद से दूसरे विकल्पों पर विचार शुरू किया गया। कई संभावनाओं पर विचार करने के बाद आखिरकार डबल डेकर फ्लाईओवर के डिजाइन पर सहमति बनी।

NHAI को दिया गया प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने प्रस्तावित डबल डेकर फ्लाईओवर का प्रेजेंटेशन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI को दे दिया है।

प्रेजेंटेशन के बाद NHAI ने परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से परियोजना से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके NHAI को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद फ्लाईओवर के निर्माण पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

NHAI से कराया जा सकता है फ्लाईओवर का निर्माण

प्रस्तावित फ्लाईओवर का कनेक्शन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे नेटवर्क से होगा।

इसी कारण पहले ही इस बात पर सहमति बन चुकी थी कि फ्लाईओवर का निर्माण NHAI के माध्यम से कराया जाएगा।

पहले प्रस्तावित चार लेन के फ्लाईओवर पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। अब डिजाइन में बदलाव के बाद डबल डेकर फ्लाईओवर की अनुमानित लागत करीब 900 करोड़ रुपये हो गई है।

अगर NHAI की मंजूरी के बाद परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू होता है, तो यह उत्तर प्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर होगा। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट, शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के लाखों लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ दिल्ली और गाजियाबाद का सफर आसान होने की उम्मीद है।