Punjab News: विश्व हाईपरटेंशन दिवस पर स्वास्थ्य योजना बनी मरीजों का सहारा

पंजाब
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Punjab News: विश्व हाईपरटेंशन दिवस के मौके पर पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) हाई ब्लड प्रेशर और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। राज्य में तेजी से बढ़ रहे हाईपरटेंशन के मामलों के बीच यह योजना हजारों परिवारों को महंगे इलाज और दवाइयों के खर्च से बचाने में मदद कर रही है।

डॉक्टरों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर को “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण जल्दी दिखाई नहीं देते। कई बार मरीजों को तब बीमारी का पता चलता है जब स्ट्रोक, हार्ट फेलियर या किडनी जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ जाती हैं। पंजाब में अब यह बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं।

40 से 90 साल तक के मरीजों को मिल रहा लाभ

स्टेट हेल्थ एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में सबसे ज्यादा हाईपरटेंशन के मरीज 40 से 80 वर्ष आयु वर्ग के बीच पाए गए हैं। कई जिलों में 90 साल से अधिक उम्र के मरीज भी सामने आए हैं। गुरदासपुर में 94 साल तक के मरीज दर्ज किए गए, जबकि एसएएस नगर में 98 साल तक के बुजुर्ग मरीज इस योजना का लाभ ले रहे हैं।

पटियाला, एसएएस नगर, होशियारपुर, जालंधर और फरीदकोट जैसे जिलों में पुरुषों और महिलाओं दोनों में बड़ी संख्या में मामले सामने आए हैं। वहीं अमृतसर और लुधियाना में 50 से 77 साल की महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर के अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

समय पर इलाज से बच रही लोगों की जान

राजकीय मेडिकल कॉलेज और राजिंदरा अस्पताल पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, तनाव, खराब खानपान, व्यायाम की कमी और अनियमित दिनचर्या हाई ब्लड प्रेशर के बड़े कारण बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब किशोरों और 20-30 साल के युवाओं में भी यह बीमारी देखने को मिल रही है।

डॉ. शर्मा के अनुसार पहले की तुलना में अब इसके दुष्प्रभाव जल्दी सामने आने लगे हैं। स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और किडनी रोग जैसी समस्याएं कम उम्र में ही बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे लोग पैसों की चिंता छोड़कर समय पर इलाज करा पा रहे हैं।

गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ा सहारा

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि पहले कई परिवार इलाज के खर्च के डर से अस्पताल जाने में देरी करते थे, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो जाती थी। अब इस योजना के कारण लोग समय रहते इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी रिकवरी की संभावना बढ़ रही है।

मध्यम वर्ग, पेंशनभोगियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना आर्थिक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही है। अस्पतालों में स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी से जुड़ी बीमारियों के इलाज का खर्च भी योजना के तहत कवर किया जा रहा है।

सम्मान के साथ इलाज की सुविधा

विश्व हाईपरटेंशन दिवस पर मुख्यमंत्री सेहत योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि मरीजों को आर्थिक बोझ से बचाकर सम्मान के साथ स्वास्थ्य सुविधा देना भी है। यह योजना उन परिवारों के लिए बड़ी राहत बन रही है जो बीमारी और महंगे इलाज दोनों से एक साथ जूझ रहे हैं।