Punjab News: चंडीगढ़, 19 जुलाई। पंजाब सरकार ने भूमि और संपत्ति पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों में इस्तेमाल होने वाली भाषा को आम नागरिकों के लिए अधिक सरल बनाने का निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार, राजस्व विभाग में लंबे समय से प्रचलित 35 कठिन शब्दों के स्थान पर अब 35 सरल पंजाबी शब्दों का उपयोग किया जाएगा, ताकि लोगों को दस्तावेजों को समझने में आसानी हो।
सरल और पारदर्शी सरकारी सेवाओं पर जोर
राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुगम बनाना है। उनके अनुसार, संपत्ति पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों में प्रयुक्त कठिन शब्दावली के कारण आम लोगों को अक्सर परेशानी होती थी।
विशेष समिति की सिफारिशों पर लिया गया निर्णय
सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर राजस्व एवं पुनर्वास विभाग ने एक विशेष समिति का गठन किया था। समिति की सिफारिशों के आधार पर संपत्ति पंजीकरण में प्रयुक्त 35 कठिन शब्दों के स्थान पर आसान और प्रचलित पंजाबी शब्द अपनाने का निर्णय लिया गया है।
अधिकारियों को जारी किए गए निर्देश
राजस्व मंत्री ने बताया कि महानिरीक्षक पंजीकरण और राज्य के सभी उपायुक्तों को पुराने एवं नए अनुशंसित शब्दों की सूची भेज दी गई है। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संपत्ति पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों में नए सरल शब्दों का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
दस्तावेजों को समझना होगा आसान
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भूमि और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों को समझने के लिए आम नागरिकों को जटिल कानूनी शब्दावली पर निर्भर न रहना पड़े। विभाग का मानना है कि सरल भाषा के उपयोग से संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक नागरिक-अनुकूल और सुगम बनेगी।
