Bihar News: पटना, 19 जुलाई। बिहार सरकार ने कहा है कि पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कौशल विकास योजना के तहत वर्ष 2018 से अब तक 5,413 युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया गया है। सरकार के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।
रोजगारपरक ट्रेड्स में दिया जा रहा प्रशिक्षण
विभाग के अनुसार, योजना के तहत युवाओं को प्लंबिंग, इलेक्ट्रीशियन, कंप्यूटर एप्लीकेशन, ब्यूटी कल्चर, फैशन डिजाइनिंग, मशीनरी ऑपरेशन, वेल्डिंग और ड्राइविंग सहित कई उद्योग आधारित ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप कौशल हासिल कर सकें।
राज्य के 9 केंद्रों पर चल रहा प्रशिक्षण
सरकार के मुताबिक, वर्तमान में राज्य के 9 प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों पर कुल 370 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें भागलपुर, मुंगेर, गोपालगंज, पूर्णिया, रोहतास, कटिहार और दरभंगा सहित अन्य केंद्र शामिल हैं।
प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक अनुभव पर भी जोर
विभाग का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और इंटर्नशिप की भी व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार प्राप्त करने या स्वरोजगार शुरू करने के लिए तैयार करना है।
योजना के विस्तार पर सरकार कर रही विचार
सरकार के अनुसार, योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भविष्य में प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने और नए उद्योगोन्मुखी ट्रेड्स को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि इससे अधिक युवाओं को कौशल विकास का लाभ मिल सकेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
