World Hypertension Day 2026: हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूक करना और समय रहते इसकी पहचान के लिए प्रेरित करना है। डॉक्टरों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है और कई बार लंबे समय तक इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। इसी कारण इसे “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है।
कैलाश अस्पताल ग्रेटर नोएडा के कंसलटेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील कुमार मंडल के अनुसार यह बीमारी दिल, दिमाग, किडनी और रक्त वाहिकाओं को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं।
युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा खतरा
पहले हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब लाइफस्टाइल, तनाव और अस्वस्थ खानपान इसके सबसे बड़े कारण हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं और फास्ट फूड व अधिक नमक वाले भोजन का सेवन लगातार बढ़ रहा है।
इसके अलावा मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी हाइपरटेंशन के खतरे को बढ़ा रही है। जिन लोगों को डायबिटीज, किडनी की बीमारी या परिवार में हाई बीपी का इतिहास है, उनमें यह समस्या होने की संभावना और अधिक रहती है।
समय पर जांच बेहद जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि अधिकतर लोगों को इसका पता तब चलता है जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है। इसलिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना बेहद जरूरी माना जाता है। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg से कम होना चाहिए। यदि लगातार इससे अधिक रीडिंग आती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हालांकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन जब ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो सिरदर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सीने में दर्द, सांस फूलना और नाक से खून आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लाइफस्टाइल सुधार से मिल सकती है राहत
विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी बात यह है कि लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव करके हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, कम नमक का सेवन, तनाव से दूरी और धूम्रपान व शराब से परहेज बेहद जरूरी है। साथ ही डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों को समय पर लेना भी जरूरी माना गया है।
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस लोगों को यही संदेश देता है कि समय रहते जागरूक होकर और नियमित जांच कराकर इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
