Punjab News: चंडीगढ़, 19 जुलाई। पंजाब सरकार ने दावा किया है कि राज्य में उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुरू किए गए ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम के पहले वर्ष में 20 हजार से अधिक छात्र उद्यमों ने लगभग 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। सरकार के अनुसार, कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इसे सभी स्नातक (अंडरग्रेजुएट) डिग्री पाठ्यक्रमों तक विस्तारित करने की तैयारी है।
95 हजार विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, 25 हजार से अधिक ने शुरू किया व्यवसाय
उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य के 20 विश्वविद्यालयों, 494 कॉलेजों, 320 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक सहित 925 संस्थानों में यह कार्यक्रम लागू किया गया। सरकार का कहना है कि लगभग 95,000 विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया, जिनमें से 25,693 विद्यार्थियों ने अपना व्यवसाय शुरू किया और 20,241 छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में करीब 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया।
उद्यमिता कौशल पर आधारित है कार्यक्रम
सरकार के मुताबिक, ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को व्यवसायिक अवसरों की पहचान, बाजार अनुसंधान, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, वित्तीय योजना, मूल्य निर्धारण, ग्राहक प्रबंधन और संचार कौशल जैसे व्यावहारिक विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है। विभाग का दावा है कि करीब 57,000 विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े।
विभिन्न क्षेत्रों में शुरू हुए छात्र उद्यम
सरकार के अनुसार, विद्यार्थियों ने ई-कॉमर्स, डिजिटल कंटेंट, ग्राफिक डिजाइनिंग, फूड सर्विस, कृषि आधारित उद्यम, फिटनेस, ब्यूटी एवं पर्सनल केयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय सेवाओं से जुड़े व्यवसाय शुरू किए। विभाग ने कई विद्यार्थियों के स्टार्टअप और उनकी आय के उदाहरण भी साझा किए, जिनमें डिजिटल करियर प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन ज्वेलरी, मशरूम उत्पादन, नेल आर्ट और इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाय शामिल हैं।
सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में होगा विस्तार
राज्य सरकार के अनुसार, कार्यक्रम के शुरुआती परिणामों को देखते हुए राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने इसे बी.ए., बी.एससी. सहित सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में लागू करने की सिफारिश की है। यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो शैक्षणिक सत्र 2026-27 से अधिक विद्यार्थियों को उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण मिलेगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया शिक्षा क्रांति का हिस्सा
उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमी और रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम पंजाब सरकार की शिक्षा क्षेत्र में चल रही पहलों का हिस्सा है और इसका उद्देश्य युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
