Bihar News:बिहार में 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूलों का लोकार्पण, शिक्षा मंत्री ने बताया ऐतिहासिक कदम

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Bihar News: पटना, 19 जुलाई। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा पहुंचाना है। उन्होंने यह बात बेगूसराय के बरौनी स्थित आईओसीएल स्टेडियम में आयोजित 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूलों के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

551 मॉडल स्कूलों का लोकार्पण, सरकार ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक ही दिन में 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूलों का लोकार्पण राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सरकार के अनुसार इन विद्यालयों के निर्माण पर लगभग 990 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और इनका उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मॉडल स्कूलों में चार लाख से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन

मंत्री ने बताया कि इन मॉडल स्कूलों में अब तक चार लाख से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है। उनके अनुसार, इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाएं और खेल सुविधाएं उपलब्ध

सरकार के अनुसार, सभी सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और अन्य आधुनिक शैक्षणिक संसाधन विकसित किए गए हैं। साथ ही विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति भी की गई है।

लर्निंग आउटकम में सुधार का दावा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधारभूत ढांचे के विस्तार और विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के कारण राज्य में बच्चों के लर्निंग आउटकम में सुधार हुआ है। उनके अनुसार, शिक्षा के बुनियादी ढांचे के मामले में अभी और काम किया जाना बाकी है, लेकिन सीखने के परिणामों के मामले में बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने का लक्ष्य

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि बिहार की शिक्षा परंपरा ऐतिहासिक रही है और राज्य सरकार आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में अन्य सरकारी विद्यालयों को भी चरणबद्ध तरीके से मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है।