Punjab News: पंजाब सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चालू वित्तीय वर्ष में 125 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता जारी की है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
125 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता जारी
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मई 2026 तक राज्य के दिव्यांग व्यक्तियों को वित्तीय सहायता के रूप में 125 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की संवेदनशीलता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सहायता समय पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और उनके जीवन को बेहतर बनाए।
498 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दिव्यांग कल्याण योजनाओं को जारी रखने हेतु 498 करोड़ रुपये का विशेष बजट प्रावधान किया है। इस योजना का लाभ राज्य के 2.83 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिल रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांग व्यक्ति आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और उन्हें अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना का लाभ उन दिव्यांग व्यक्तियों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 60 हजार रुपये या उससे कम है। इसके अलावा आवेदक के पास कम से कम 50 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण होना चाहिए तथा वह स्वयं आजीविका कमाने में असमर्थ हो।
समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिव्यांग व्यक्तियों को मिलने वाली वित्तीय सहायता में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है और लाभार्थियों को हर माह निर्धारित समय पर सहायता राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
समावेशी विकास पर सरकार का जोर
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ का सपना तभी साकार होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर महसूस करेगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांग और कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि जब समाज के सबसे कमजोर लोगों के चेहरे पर मुस्कान होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे, तभी वास्तविक अर्थों में समावेशी और विकसित पंजाब का निर्माण संभव हो सकेगा।
