Punjab News: पंजाब सरकार ने स्वच्छता को लेकर अपनी सख्त नीति का एक और उदाहरण पेश किया है। स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस के अचानक निरीक्षण के बाद मोगा नगर निगम के कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई व्यवस्था में गंभीर खामियां और खुले में पड़े कूड़े के ढेर पाए गए।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहे ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के नागरिक साफ-सुथरे और बेहतर वातावरण के हकदार हैं तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निरीक्षण में सामने आईं कई कमियां
मोगा शहर के दौरे के दौरान मंत्री ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर खुले में कूड़ा पड़ा मिला, जो सरकार द्वारा तय किए गए स्वच्छता मानकों का उल्लंघन माना गया। इसके बाद नगर निगम प्रशासन से जवाब तलब किया गया।
मिशन क्लीन पंजाब के तहत चल रही निगरानी
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि मिशन क्लीन पंजाब केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है। अभियान के तहत नगर निगम कमिश्नरों, कार्यकारी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 7 से 8 बजे तक फील्ड निरीक्षण करना अनिवार्य किया गया है।
शहरों को विभिन्न जोन में विभाजित कर प्रत्येक क्षेत्र की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, ताकि सफाई व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा सके।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि स्वच्छता के मामले में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरों में अचानक निरीक्षण का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
पंजाब को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर शहर को साफ, सुंदर और स्वच्छ बनाना है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है और सफाई व्यवस्था को तकनीक आधारित प्रणाली से भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक पंजाब के सभी शहर स्वच्छता के उच्चतम मानकों तक नहीं पहुंच जाते, तब तक सरकार का अभियान लगातार जारी रहेगा।
