Punjab News: बेअदबी विरोधी कानून के बाद भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब से शुरू की ‘शुक्राना यात्रा’

पंजाब
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Punjab News: Bhagwant Mann ने पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद Takht Sri Kesgarh Sahib में माथा टेककर चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा परमात्मा का शुक्राना करने के लिए निकाली जा रही है, जिसने उन्हें जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट-2026 लागू करने की ताकत और अवसर दिया।

श्री आनंदपुर साहिब से शुरू हुई यात्रा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह यात्रा श्री आनंदपुर साहिब से शुरू होकर 9 मई को Sri Fatehgarh Sahib में समाप्त होगी। यात्रा के दौरान वह Sri Akal Takht Sahib, श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब और गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब समेत कई धार्मिक स्थलों पर माथा टेकेंगे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains और कई अन्य नेता भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि जिस पवित्र धरती पर खालसा पंथ प्रकट हुआ था, वहीं से यह शुक्राना यात्रा शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति, भाईचारे और “सरबत के भले” के लिए लगातार अरदास की जाएगी।

बेअदबी करने वालों को मिलेगी सख्त सजा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अब अगर कोई श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने की कोशिश करेगा, तो उसे अपनी पूरी जिंदगी जेल में बितानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह कानून इतना सख्त बनाया गया है कि दोषियों को किसी भी हालत में माफ नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब की शांति, भाईचारक साझ और सामाजिक एकता को तोड़ने की गहरी साजिश का हिस्सा थीं। यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक्ट लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है और इसका उद्देश्य लोगों की आहत धार्मिक भावनाओं को शांत करना है।

‘आप’ सरकार ने बनाया सख्त कानून

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आजादी के बाद पंजाब में कई सरकारें आईं, लेकिन सिर्फ Aam Aadmi Party की सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों से जुड़े कुछ लोग पहले ऐसी घटनाओं में शामिल रहे हैं, इसलिए अब वे इस कानून का विरोध कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर से लोग इस कानून के लिए पंजाब सरकार को धन्यवाद दे रहे हैं। हालांकि कुछ लोग निजी और राजनीतिक हितों के कारण इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा करना है।

छोटे साहिबजादों की शहादत का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपने लोकसभा सदस्य के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष Sumitra Mahajan के साथ मिलकर छोटे साहिबजादों के शहीदी दिवस का मुद्दा संसद में उठाया था। उन्होंने कहा कि छोटे साहिबजादों की शहादत आने वाली पीढ़ियों को अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देती रहेगी।

उन्होंने बताया कि पंजाब विधानसभा ने विशेष सत्र के दौरान अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शहरों के विकास के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम करेगी और फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।