Punjab News: चंडीगढ़ में Aam Aadmi Party (AAP) ने रविवार को पंजाबभर में भाजपा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जिलों में भाजपा दफ्तरों का घेराव करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए ED, CBI और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
संजीव अरोड़ा पर ED कार्रवाई को लेकर विरोध
AAP नेताओं ने कैबिनेट मंत्री Sanjeev Arora के खिलाफ हुई ED कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ नारेबाजी की।
पार्टी का कहना है कि भाजपा गैर-भाजपा सरकारों को अस्थिर करने और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

पंजाब के कई जिलों में प्रदर्शन
यह प्रदर्शन होशियारपुर, पटियाला, मोहाली समेत पंजाब के कई जिलों में किए गए। होशियारपुर में AAP कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी का पुतला भी फूंका और भाजपा पर “तानाशाही राजनीति” करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि पंजाब डराने-धमकाने की राजनीति के आगे नहीं झुकेगा।
हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा पर लगाए आरोप
पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने कहा कि भाजपा ने ED, CBI और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों को राजनीतिक हथियार बना दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भाजपा को राजनीतिक चुनौती मिलती है, वह केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के खिलाफ करती है। चीमा ने कहा कि पश्चिम बंगाल के बाद अब पंजाब को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि भाजपा AAP की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान है।
“पंजाब को डराया नहीं जा सकता” : डॉ. बलबीर सिंह
पटियाला में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कैबिनेट मंत्री Dr. Balbir Singh ने भाजपा पर डर और दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय के खिलाफ खड़े होने का रहा है और पंजाबी ऐसे दबावों के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
डॉ. बलबीर सिंह ने सवाल उठाया कि राज्यसभा सदस्य Ashok Mittal के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों बंद हो गई। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा का “असली चेहरा” सामने आता है।

लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी रखने का दावा
AAP नेताओं ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक बदले की राजनीति और संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पार्टी नेताओं ने दावा किया कि वे “लोकतंत्र की हत्या” के खिलाफ सड़कों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे और भाजपा की “डराने-धमकाने की राजनीति” का विरोध जारी रहेगा।
