Greater Noida: नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले फ्लैट मालिकों को बड़ी राहत मिली है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब कोई भी बिल्डर या अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) प्री-पेड बिजली मीटर से मेंटेनेंस चार्ज नहीं काट सकेगा। यदि किसी सोसायटी में ऐसा किया गया तो संबंधित AOA और बिल्डर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
लंबे समय से निवासी शिकायत कर रहे थे कि मेंटेनेंस शुल्क न देने पर उनके प्री-पेड मीटर से सीधे पैसे काट लिए जाते थे, जिसके कारण अचानक बिजली सप्लाई बंद हो जाती थी। अब पीवीवीएनएल के इस फैसले से हजारों फ्लैट मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
250 से ज्यादा सोसायटियों पर पड़ेगा असर
नोएडा में करीब 125 ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां हैं, जबकि ग्रेटर नोएडा में 250 से अधिक सोसायटियां मौजूद हैं। ग्रेटर नोएडा में बिजली सप्लाई करने वाली निजी कंपनी NPCL को भी इस आदेश का पालन करना होगा।
अब सभी AOA और बिल्डरों को मेंटेनेंस शुल्क वसूलने के लिए अलग व्यवस्था बनानी होगी। बिजली मीटर का उपयोग केवल बिजली संबंधी सेवाओं के लिए किया जा सकेगा।
अचानक बिजली कटने से परेशान थे निवासी
कई सोसायटियों में प्री-पेड मीटर से मेंटेनेंस कटौती के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। रात में अचानक बिजली चले जाने से घरों में अंधेरा छा जाता था। एसी, पंखे और अन्य उपकरण बंद हो जाते थे, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को काफी दिक्कत होती थी।
निवासियों का कहना था कि कई बार बिना किसी सूचना के ही मीटर बैलेंस खत्म हो जाता था, क्योंकि उसमें से मेंटेनेंस चार्ज काट लिया जाता था।
PVVNL का ऐतिहासिक फैसला; बिल्डर और AOA पर रोक
पीवीवीएनएल ने यह आदेश UPERC सप्लाई कोड 2023-24 के तहत जारी किया है। इससे पहले कुछ सोसायटियों को नोटिस भेजकर चेतावनी भी दी गई थी।
सेक्टर-119 स्थित एल्डिको आमंत्रण समेत कई सोसायटियों को भेजे गए नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि प्री-पेड मीटर से कॉमन एरिया मेंटेनेंस चार्ज काटना पूरी तरह अवैध है।
कार्यकारी अभियंता, विद्युत नगरीय वितरण खंड-5 की ओर से जारी पत्र संख्या 335 में कहा गया है कि यह आदेश सभी AOA पर समान रूप से लागू होगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यूपीईआरसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बिजली और मेंटेनेंस का बिल रहेगा अलग
पीवीवीएनएल ने साफ किया है कि प्री-पेड मीटर का बैलेंस केवल बिजली खपत, लिफ्ट, वाटर पंप, स्ट्रीट लाइट और अन्य बिजली सेवाओं के लिए इस्तेमाल होगा। इसका उपयोग किसी भी प्रकार के मेंटेनेंस शुल्क के लिए नहीं किया जा सकता।
अब मेंटेनेंस चार्ज न देने पर किसी फ्लैट की बिजली नहीं काटी जा सकेगी। बिजली डिस्कनेक्शन केवल बिजली बिल बकाया होने की स्थिति में ही किया जाएगा।
AOA को मेंटेनेंस शुल्क वसूलने के लिए ऑनलाइन पेमेंट, चेक या अन्य अलग माध्यम अपनाने होंगे। बिजली और मेंटेनेंस दोनों का हिसाब पूरी तरह अलग रखा जाएगा।
शिकायत के बाद हुआ बड़ा एक्शन
एल्डिको आमंत्रण सोसायटी के निवासी तनिश मल्होत्रा ने इस मामले की शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मेंटेनेंस बकाया के नाम पर बिजली सप्लाई रोकी जा रही है।
मामला विद्युत नियामक आयोग तक पहुंचा, जिसके बाद आयोग ने माना कि प्री-पेड मीटर से मेंटेनेंस कटौती करना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है। आयोग के निर्देश के बाद पीवीवीएनएल ने सख्त आदेश जारी किए।
निवासियों को मिलेगी राहत
नोएडा की कई सोसायटियों में पहले से ही बिजली और मेंटेनेंस का बिल अलग-अलग वसूला जा रहा है, लेकिन कुछ सोसायटियों में अब भी मीटर से कटौती की जा रही थी।
नए आदेश के बाद निवासियों को बार-बार बिजली कटने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही AOA और निवासियों के बीच होने वाले विवादों में भी कमी आ सकती है।
