Odisha: ओडिशा के जाजपुर जिले से एक भयावह घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है।
Odisha News: ओडिशा के जाजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला (Woman) को नदी में कपड़े धोते समय मगरमच्छ (Crocodile) ने हमला कर खींच लिया। यह दर्दनाक हादसा सोमवार शाम खरस्रोता नदी में हुआ, जब कांटिया गांव की रहने वाली 55 वर्षीय सौदामिनी महाला नदी के किनारे कपड़े धो रही थीं। देखिए वीडियो…
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अचानक मगरमच्छ ने किया हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौदामिनी महाला रोज की तरह नदी में कपड़े धोने गई थीं। इसी दौरान पानी में छिपे एक मगरमच्छ ने उन पर अचानक हमला कर दिया और अपने जबड़ों में जकड़कर नदी में खींच ले गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि वे महिला को बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मगरमच्छ की ताकत के आगे वे कुछ नहीं कर सके।

इस दर्दनाक घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मगरमच्छ महिला को पानी में ले जाते हुए साफ देखा जा सकता है। वीडियो वायरल होते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल फैल गया है। यह वही इलाका है जहां कुछ महीने पहले भी एक बकरी को मगरमच्छ खींच ले गया था। तब वन विभाग ने चेतावनी जारी कर लोगों से सतर्क रहने को कहा था।
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ग्रामीणों में डर का माहौल
इस घटना के बाद कांटिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोग बुरी तरह डरे हुए हैं। ग्रामीण अब नदी किनारे जाने से बच रहे हैं। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि मगरमच्छ को जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन ने शुरू किया तलाशी अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और नदी में तलाशी अभियान शुरू किया गया। जाजपुर पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि अब तक महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका है। तलाशी अभियान जारी है और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदी के पास न जाने की अपील की है।
वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
सौदामिनी महाला की मौत से उनके परिवार में गहरा शोक है। परिजनों का कहना है कि अगर पहले ही उचित कार्रवाई की जाती और चेतावनी को गंभीरता से लिया जाता, तो यह हादसा टल सकता था। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से केवल चेतावनी देकर जिम्मेदारी खत्म कर ली गई, लेकिन मगरमच्छ को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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नदी किनारे की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर नदी किनारे सुरक्षा इंतजामों और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े करती है। जब पहले भी मगरमच्छ दिख चुके हैं, तो स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को पहले से सक्रिय रहना चाहिए था। अब लोगों की मांग है कि नदी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा चेकिंग, चेतावनी बोर्ड और निगरानी टीमें तैनात की जाएं।
