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Punjab News: नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने केरल को छोड़ा पीछे, सरकारी स्कूलों ने रचा नया इतिहास

पंजाब
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Punjab News: Punjab के सरकारी स्कूलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि कई प्रमुख शैक्षणिक मानकों पर पंजाब ने लंबे समय से स्कूल शिक्षा के मॉडल माने जाने वाले Kerala को भी पीछे छोड़ दिया है।

इस उपलब्धि को शिक्षा क्षेत्र में “पंजाब युग” की शुरुआत बताते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि यह सफलता राज्य के माता-पिता, विद्यार्थियों और शिक्षकों की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने सरकारी स्कूलों पर भरोसा बनाए रखा।

तीसरी कक्षा में भाषा और गणित में पंजाब आगे

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने रिपोर्ट के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पंजाब ने तीसरी कक्षा की भाषा दक्षता में 82 प्रतिशत और गणित में 78 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वहीं केरल में यह आंकड़ा क्रमशः 75 प्रतिशत और 70 प्रतिशत रहा।

उन्होंने कहा कि 9वीं कक्षा के गणित में भी पंजाब ने 52 प्रतिशत स्कोर किया, जबकि केरल 45 प्रतिशत पर रहा।

मिशन समर्थ और स्कूल ऑफ एमिनेंस का दिखा असर

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू किए गए “मिशन समर्थ” और “स्कूल ऑफ एमिनेंस” कार्यक्रमों का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए सुधारों के ठोस नतीजे सामने आए हैं।

सरकारी स्कूलों में बिजली, कंप्यूटर और स्मार्ट क्लासरूम

नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि पंजाब के 99.9 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में बिजली उपलब्ध है।

इसके अलावा:

  • 99 प्रतिशत स्कूलों में कार्यशील कंप्यूटर मौजूद हैं
  • 80 प्रतिशत से अधिक स्कूल स्मार्ट क्लासरूम से लैस हैं
  • 10वीं से 11वीं कक्षा में जाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 90 प्रतिशत से अधिक हो गई है
  • छात्र-शिक्षक अनुपात को सुधारकर 22:1 तक लाया गया है

सरकार का कहना है कि इससे स्कूल छोड़ने की दर में तेजी से कमी आई है।

ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच कम हुआ अंतर

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि नीति आयोग ने शिक्षा के क्षेत्र में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच अंतर कम करने के लिए पंजाब सरकार की विशेष सराहना की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गांवों के विद्यार्थियों और लड़कियों को समान अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया है।

JEE और NEET में भी सरकारी स्कूलों का शानदार प्रदर्शन

पंजाब सरकार के अनुसार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

अब तक:

  • 786 सरकारी स्कूल विद्यार्थियों ने JEE Main परीक्षा पास की है
  • 1,284 विद्यार्थी NEET के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं

सरकार का दावा है कि विश्वस्तरीय शिक्षण पद्धतियों और आधुनिक शिक्षा मॉडल को अपनाने का सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है।

फिनलैंड और सिंगापुर मॉडल से शिक्षकों को ट्रेनिंग

शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने शिक्षकों को फिनलैंड और सिंगापुर जैसे देशों के आधुनिक शिक्षा मॉडल के आधार पर प्रशिक्षण दिया है।

उन्होंने कहा कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का असर अब कक्षाओं में दिखाई देने लगा है।

इसके अलावा:

  • 13 हजार शिक्षकों और स्टाफ की भर्ती की गई
  • लगभग 3 लाख विद्यार्थियों के लिए “इंग्लिश एज” कार्यक्रम शुरू किया गया
  • राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए

“सरकारी स्कूलों के बच्चे अब सिर्फ बराबरी नहीं, नेतृत्व कर रहे”

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सही नीति, मजबूत इरादे और बेहतर क्रियान्वयन के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट ने अब उस बदलाव को प्रमाणित कर दिया है, जो जमीनी स्तर पर पहले से दिखाई दे रहा था।

उनके मुताबिक, अब सरकारी स्कूलों के बच्चे केवल प्रतिस्पर्धा में बने रहने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्व कर रहे हैं।