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Microsoft: माइक्रोसॉफ्ट के इंजीनियर्स के लिए मायूस करने वाली ख़बर

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Microsoft: माइक्रोसॉफ्ट के इंजीनियर्स के लिए मायूस कर देने वाली खबर सामने आई है।

Microsoft: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artifical Intelligence) के बढ़ते इस्तेमाल ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इंसान की बनाई तकनीक ही इंसानों की जगह ले लेगी? माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में ठीक ऐसा ही हुआ है। कंपनी ने हाल ही में अपने गेमिंग डिवीजन (Gaming Division) के पुनर्गठन के तहत एआई टूल्स पर काम करने वाले 200 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया और चौंकाने वाली बात यह है कि इनकी जगह अब वही एआई सिस्टम ले रहे हैं, जिन्हें इन इंजीनियरों ने खुद विकसित किया था।

Pic Social Media

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के गेमिंग यूनिट में कार्यरत डिज़ाइनर, यूज़र रिसर्चर, यूएक्स राइटर्स और नैरेटिव कॉपीराइटर्स जिन्होंने वर्षों तक एआई सिस्टम को बनाने और ट्रेन करने में मेहनत की थी अब उसी तकनीक के चलते अपनी नौकरी गंवा बैठे हैं।

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कर्मचारियों के मन में गहराया डर

इस घटनाक्रम के बाद कंपनी में बचे हुए कर्मचारियों (Employees) के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। एक कर्मचारी ने कहा, ‘सच्चाई यह है कि एआई टूल्स इंसानों की नौकरियां खा रहे हैं। यह कड़वा सच है, लेकिन अंत में बात मुनाफे की ही होती है।’ उन्होंने यह भी कहा कि अगर लगातार फीडबैक लूप्स को मजबूत किया जा रहा है, तो डेवलपर्स को हटाना समझदारी नहीं है। “हमें ज़्यादा नेतृत्व नहीं, ज़्यादा लोगों की ज़रूरत है।’

कर्मचारियों को भेजा गया छुट्टी पर

इस फैसले का असर लंदन, बार्सिलोना, स्टॉकहोम और बर्लिन स्थित किंग के कार्यालयों में भी दिख रहा है। यूनियन बातचीत अभी जारी है, लेकिन कई कर्मचारियों को गर्मियों भर अनिश्चित स्थिति में रहना पड़ रहा है। वरिष्ठ कर्मचारियों को संभावित छंटनी से पहले गार्डनिंग लीव पर भेज दिया गया है, जो सितंबर में प्रभावी हो सकती है।

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तकनीक का भविष्य, लेकिन नौकरी का संकट?

यह मामला एआई (AI) के फायदे और खतरों दोनों पर बहस को फिर से तेज कर रहा है। जहां एक ओर कंपनियां दक्षता बढ़ाने के लिए एआई का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी ओर हजारों कर्मचारियों की आजीविका खतरे में पड़ती दिख रही है।