Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में अलग-अलग विभागों में चल रही योजनाओं की स्थिति, फंड के उपयोग और लंबित कार्यों पर चर्चा की गई।
समय पर फंड खर्च करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र से मिलने वाली राशि का समय पर और सही तरीके से उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर फंड का सही इस्तेमाल नहीं होगा, तो योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि समय पर काम पूरा करना बेहद जरूरी है, ताकि लोगों को योजनाओं का फायदा जल्द मिल सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
Nayab Singh Saini ने बैठक में पारदर्शिता और जवाबदेही पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में फंड का सही और साफ उपयोग होना चाहिए।
सरकार चाहती है कि हर योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और उसमें किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
धीमी योजनाओं पर सख्ती
बैठक में उन योजनाओं की भी समीक्षा की गई, जिनकी प्रगति धीमी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि जहां भी कोई बाधा आ रही है, उसे तुरंत दूर किया जाए।
विभागों के बीच बेहतर तालमेल
मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर काम करेंगे, तभी योजनाएं तेजी से पूरी हो पाएंगी।
इसके लिए हर विभाग में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, जो केंद्र और राज्य के बीच तालमेल बनाए रखेंगे।
समय पर रिपोर्ट देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे समय पर उपयोग प्रमाण पत्र (UC) जमा करें। इससे अगली किस्त जारी होने में देरी नहीं होगी और काम लगातार चलता रहेगा।
टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर
Nayab Singh Saini ने कहा कि योजनाओं की निगरानी के लिए टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल किया जाए। इससे काम की प्रगति को रियल टाइम में ट्रैक किया जा सकेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
जनता को मिलेगा सीधा फायदा
सरकार का मानना है कि इन कदमों से योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचेगा। समय पर काम पूरा होने से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और विकास की गति तेज होगी।
सुशासन की दिशा में कदम
यह बैठक दिखाती है कि सरकार सुशासन और पारदर्शिता पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री का फोकस है कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर दिखें।
आगे की रणनीति
आने वाले समय में भी सरकार इसी तरह योजनाओं की निगरानी करती रहेगी, ताकि हर योजना का पूरा लाभ लोगों तक पहुंचे और राज्य का विकास तेजी से हो सके।
