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Rajasthan के वरिष्ठ नागरिकों के लिए खुशखबरी, भजनलाल सरकार बढ़ाएगी तीर्थ यात्रा योजना का कोटा

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Rajasthan: राजस्थान तीर्थ यात्रा योजना का बढ़ाया जाएगा कोटा, अब ज्यादा लोग कर सकेंगे तीर्थ यात्रा

Rajasthan News: राजस्थान के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अच्छी और खुश कर देने वाली खबर है। आपको बता दें कि प्रदेश की भजनलाल सरकार (Bhajanlal Sarkar) तीर्थ यात्रा योजना (Teerth Yaatra Yojana) का कोटा बढ़ाने वाली है। अभी मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना के तहत अधिकतम 36,000 हजार लोगों को यात्रा करवाती है। अब यह सीमा बढ़ाई जाने वाली है। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि सीएम भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal Sharma) चाहते हैं कि प्रदेश के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना का लाभ मिले। इस विषय में योजना में बदलाव किए जाने पर विचार हो रहा है। इस योजना के तहत देश के सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों के साथ नेपाल के पशुपति नाथ और कैलाश मानसरोवर की यात्रा भी शामिल है। हालांकि कोरोना के बाद से कैलाश मानसरोवर (Kailash Mansarovar) की यात्रा बंद हो गई है। इसे जल्द ही फिर से शुरु किए जाने की उम्मीद है।
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Pic Social media

76 फीसदी नागरिक इस साल कर चुके हैं यात्रा

आपको बता दें कि अभी इस योजना के अनुसार एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 36 हजार वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा कराने का प्रावधान है। इनमें से 30,000 नागरिकों को ट्रेन के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाती है। वहीं बाकी 6,000 यात्रियों को हवाई सेवा के माध्यम से देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जाती है जिसमें नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन भी शामिल है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 76 प्रतिशत यात्री तीर्थ यात्रा कर चुके हैं। 31 मार्च से पहले बाकी बचे सभी नागरिकों को भी तीर्थ यात्रा कराई जाएगी।

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इन धार्मिक स्थलों की होती है यात्रा

देवस्थान विभाग (Devasthan Department) के अनुसार ट्रेन के जरिए देश के 15 धार्मिक स्थलों की तीर्थ यात्रा कराई जाती है। इनमें इसमें रामेश्वरम, तिरुपति, द्वारकापुरी, वैष्णो देवी, जगन्नाथ पुरी, प्रयागराज, सम्मेदशिखर-पावापुरी-बैजनाथ, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्र्यंबकेश्वर, मथुरा-वृंदावन-बरसाना, गंगासागर, कामाख्या, हरिद्वार-ऋषिकेश-अयोध्या, मथुरा-अयोध्या, बिहारशरीफ एवं वेलंकनी चर्च-तमिलनाडु शामिल है। कुल 30 हजार की सीमा में से 23 हजार से ज्यादा लोगों को तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है।

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जानिए कैसे होता है यात्रियों का चयन

राजस्थान के अलग-अलग जिलों में तीर्थ यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या भी अलग-अलग है। 60 साल की आयु पूरी कर चुके नागरिक इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद विभाग की तरफ से दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया जाता है। बाद में जिलेवार लॉटरी निकाली जाती है। जिन वरिष्ठ नागरिकों का नाम लॉटरी में आता है, उन्हें तीर्थ यात्रा कराई जाती है।