UP News

UP News: योगी सरकार में बदली यूपी की बिजली व्यवस्था, रिकॉर्ड आपूर्ति और उत्पादन से बना नया इतिहास

उत्तरप्रदेश
Spread the love

UP News: उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कभी अघोषित कटौती और कम आपूर्ति के लिए चर्चा में रहने वाला प्रदेश आज बिजली उत्पादन और आपूर्ति के क्षेत्र में नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में बिजली क्षेत्र में किए गए सुधारों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।

2017 के बाद शुरू हुआ व्यापक सुधार अभियान

वर्ष 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने और वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। इसका परिणाम यह रहा कि आज प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पहले की तुलना में कहीं बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

बिजली आपूर्ति में यूपी ने बनाया नया रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश ने मई 2026 में 31,824 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग को पूरा कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पहले—

  • 2024-25 में अधिकतम मांग: 30,618 मेगावाट
  • 2025-26 में अधिकतम मांग: 31,486 मेगावाट
  • मई 2026 में अधिकतम मांग: 31,824 मेगावाट

भीषण गर्मी और बढ़ती खपत के बावजूद प्रदेश में बिजली आपूर्ति को बनाए रखना ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची बेहतर बिजली

वर्तमान बिजली आपूर्ति व्यवस्था के तहत—

  • जिला मुख्यालयों पर लगभग 24 घंटे बिजली
  • तहसील मुख्यालयों पर लगभग 24 घंटे बिजली
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 22 से 22.30 घंटे तक बिजली आपूर्ति

सरकार द्वारा निर्धारित रोस्टर के मुकाबले कई क्षेत्रों में अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

पहले और अब: कितना बदला हालात?

2014 से 2017 के बीच प्रदेश में औसतन—

क्षेत्रपहले बिजली आपूर्ति
जिला मुख्यालय17 घंटे
तहसील मुख्यालय12 घंटे
ग्रामीण क्षेत्र11 घंटे

वर्तमान में अधिकांश क्षेत्रों में बिजली कटौती में भारी कमी आई है और उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कहीं अधिक बिजली मिल रही है।

बिजली उत्पादन क्षमता में लगभग दोगुनी वृद्धि

उत्तर प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

वर्षउत्पादन क्षमता
मार्च 20144,839 मेगावाट
मार्च 20195,474 मेगावाट
20226,134 मेगावाट
20247,140 मेगावाट
20257,800 मेगावाट
मार्च 20269,120 मेगावाट

मार्च 2026 तक प्रदेश की उत्पादन क्षमता 2014 के मुकाबले लगभग दोगुनी हो चुकी है।

किसानों, उद्योगों और व्यापार को मिला लाभ

बेहतर बिजली आपूर्ति का सीधा लाभ किसानों, छोटे व्यापारियों, उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को मिला है। निरंतर बिजली उपलब्ध होने से कृषि उत्पादन, औद्योगिक गतिविधियों और व्यावसायिक संचालन में भी सुधार देखा गया है।

आगे भी जारी रहेगा ऊर्जा क्षेत्र का विस्तार

उत्तर प्रदेश सरकार बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नई परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। ऊर्जा क्षेत्र में जारी निवेश और तकनीकी सुधारों का उद्देश्य भविष्य में बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।

प्रमुख उपलब्धियां एक नजर में

  • मई 2026 में 31,824 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग पूरी
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति
  • जिला मुख्यालयों पर लगभग 24 घंटे निर्बाध बिजली
  • उत्पादन क्षमता बढ़कर 9,120 मेगावाट पहुंची
  • 2014 के मुकाबले लगभग दोगुनी बिजली उत्पादन क्षमता
  • ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क में व्यापक सुधार

उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में हुए ये बदलाव राज्य को ऊर्जा प्रबंधन और बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।