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Delhi: क्या दिवाली पर दिल्ली में फूटेंगे पटाखे?, CM रेखा गुप्ता बोलीं- ‘इनके बिना दिवाली अधूरी’

दिल्ली राजनीति
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मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट से की ग्रीन पटाखों की अनुमति देने की अपील

Delhi News: दिल्लीवासियों के लिए दिवाली (Diwali) से पहले बड़ी खबर आई है। दिल्ली सरकार राजधानी में ग्रीन पटाखों (Green Firecrackers) पर लगे प्रतिबंध को हटाने की तैयारी कर रही है। वहीं सीएम रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने कहा है कि दिवाली खुशियों का त्योहार है और आतिशबाजी के बिना यह अधूरी लगती है। उन्होंने दिल्ली में कम से कम पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन पटाखों की अनुमति देने की मांग सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से की है। पढ़िए पूरी खबर…

सीएम रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली सरकार ग्रीन पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार न्यायालय के सामने लिखित रूप में अपनी बात रखेगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि ‘हम पॉल्यूशन को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझते हैं और उसे निभाएंगे, लेकिन त्योहारों की भावनात्मक अहमियत को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।’

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‘दिवाली राम की वापसी का प्रतीक है’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मेरा और सरकार के प्रतिनिधियों का मानना है कि दिल्ली की अपनी समस्याएं हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए। लेकिन देश और दिल्ली के करोड़ों धर्मप्रिय लोगों के लिए दिवाली प्रभु राम की वापसी से जुड़ा पावन अवसर है। ऐसे में उन्हें त्योहार मनाने की आज़ादी मिलनी चाहिए, भले ही वह ग्रीन क्रैकर्स के रूप में ही क्यों न हो।’

दिल्ली सरकार देगी कोर्ट में लिखित अपील

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली सरकार (Delhi Government) सुप्रीम कोर्ट को एक लिखित अपील सौंप सकती है, जिसमें NEERI और PESO जैसी मान्यता प्राप्त सरकारी एजेंसियों से प्रमाणित ग्रीन पटाखों की सीमित अनुमति मांगी जाएगी। सरकार का दावा है कि इन पटाखों से निकलने वाला धुआं तय मानकों के भीतर रहेगा और इससे पॉल्यूशन नहीं बढ़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा रुख

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाल ही में दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों के निर्माण को सशर्त अनुमति दी है। कोर्ट ने साफ कहा है कि अभी के लिए दिल्ली-एनसीआर में इन पटाखों की बिक्री और उपयोग की इजाजत नहीं है। अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होनी है, जिसमें कोर्ट ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर अंतिम फैसला सुना सकता है।